
TMC Crisis: ममता बनर्जी(फोटो-IANS)
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों पूरी तरह से उबाल है। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कम्युनल और भड़काऊ बयान देने को लेकर केस दर्ज हो गया है।
2026 विधानसभा चुनाव को लेकर रैली में दिए गए उनके बयान पर हरे स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज हुई है। बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस बीच, ममता की पार्टी में भी बगावत तेज है। टीएमसी के बागी विधायकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पार्टी से निकाले गए नेता और विधानसभा में डिप्टी लीडर ऑफ अपोजिशन संदीपन साहा का दावा है कि अब उनके साथ 64 विधायक हैं। शुरुआत में यह संख्या 58 थी।
संदीपन साहा ने कहा- जब हमने शुरू किया तो हमारे साथ 58 विधायक थे। हम सोच भी नहीं सकते थे कि इतने सारे लोग हमारे साथ आ जाएंगे। अब संख्या 64 हो गई है।
वहीं, ममता बनर्जी पर प्राथमिकी को साहा ने सही ठहराया है। एफआईआर पर संदीपन साहा ने कहा- ममता जी का बयान बिल्कुल सही नहीं था। यह एक बहुत साम्प्रदायिक बयान था। जब आप ऐसे बयान देते हैं तो किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचती है।
उन्होंने आगे कहा कि ममता बनर्जी गलती नहीं कर रही हैं, बल्कि जानबूझकर कुछ मुद्दों पर चुप्पी साध रही हैं। खासतौर पर अभिषेक बनर्जी को लेकर उन्होंने कोई स्टैंड नहीं लिया।
संदीपन साहा ने पार्टी के अंदरूनी हालात पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा- ममता बनर्जी पार्टी की सुप्रीमो हैं। उन पर कोई हावी कैसे हो सकता है? लेकिन उन्होंने गलती की है।
उन्होंने जानबूझकर स्टैंड नहीं लिया। अगर पार्टी में सिर्फ एक व्यक्ति चलाएगा और पुराने नेताओं-कार्यकर्ताओं की सलाह नहीं ली जाएगी तो जड़ें कमजोर हो जाएंगी।
वहीं टीएमसी सांसद कल्यान बनर्जी के अभिषेक बनर्जी पर दिए गए बयानों पर भी संदीपन ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा- ममता बनर्जी पार्टी की सर्वेसर्वा थीं। उन्हें अपने हाथ में सबकुछ रखना था, ममता बनर्जी से गलती हुई है। पहले किसी भी कार्यक्रमों में अभिषेक बनर्जी के एक किलोमीटर के दायरे में किसी को जाने नहीं दिया जाता था।
Published on:
12 Jun 2026 05:11 pm
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