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‘मेरे बाद उसका क्या होगा?’..इसी डर में रिटायर्ड ISRO कर्मचारी ने ली पत्नी की जान, बेटी के मुकरने से पुलिस हैरान

बेंगलुरु में रिटायर्ड इसरो कर्मचारी नागेश्वर राव ने पत्नी की हत्या कर दी। घटना के बाद अमेरिका में रह रही इकलौती बेटी ने अंतिम संस्कार में आने से इनकार कर दिया, जिससे पुलिस भी हैरान रह गई। जानें पूरा मामला।

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Nageshwar Rao and Sandhya Shri

रिटायर्ड ISRO कर्मचारी ने अपनी पत्नी की हत्या इस वजह से की कि उनकी मृत्यु के बाद उसकी देखभाल कौन करेगा (Photo @X)

Bengaluru wife murder case: बेंगलुरु में रिटायर्ड इसरो कर्मचारी द्वारा पत्नी की हत्या के मामले में उस समय नया मोड़ आ गया, जब उनकी इकलौती बेटी ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए अमेरिका के न्यू जर्सी से आने से इनकार कर दिया। बेटी के इस रवैये से पुलिस भी हैरान रह गई। दरअसल, 70 वर्षीय नागेश्वर राव ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

जब जवाब सुनकर पुलिस रह गई हैरान…

रिटायर्ड इसरो कर्मचारी नागेश्वर राव वर्ष 2022 से बोम्मनहल्ली स्थित वर्चुओसो अपार्टमेंट्स में अपनी 61 वर्षीय पत्नी संध्या श्री के साथ रह रहे थे। 18 फरवरी की सुबह राव ने कथित रूप से अपनी पत्नी की हत्या कर दी। पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची तो नागेश्वर राव सोफे पर बैठे थे, जबकि उनकी पत्नी का शव रसोई में पड़ा था।

पुलिस पूछताछ के दौरान उन्होंने कहा, “हां, मैंने उसे मार दिया। मेरे मरने के बाद उसकी देखभाल कौन करता? मैं मुश्किल से दो-तीन साल और जिऊंगा। मेरे बाद उसका क्या होता? हमारे कोई करीबी रिश्तेदार नहीं हैं।” उनका यह जवाब सुनकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए।

बेटी ने अमेरिका से आने से किया इनकार

पुलिस ने अमेरिका के न्यू जर्सी में रह रही दंपती की इकलौती बेटी से संपर्क किया। अधिकारियों ने उसे बेंगलुरु आकर कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए मनाने की कई कोशिशें कीं, लेकिन वे असफल रहीं।

एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने बताया, “हमने उसे समझाने की कोशिश की कि वह दंपति की इकलौती संतान है। मां की मृत्यु हो चुकी है और पिता जेल जाएंगे। कानूनी और भावनात्मक, दोनों ही दृष्टि से उसकी उपस्थिति जरूरी थी। हमने पोस्टमार्टम इसलिए नहीं कराया, क्योंकि हमें लगा था कि वह आएगी। जब पता चला कि उसने आने से इनकार कर दिया है, तो हमने एक नजदीकी रिश्तेदार से संपर्क किया। उन्होंने सहयोग किया, सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और परंपरा के अनुसार संध्या श्री का अंतिम संस्कार किया।”