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चीन से अगले महीने भारत आएंगी ऐसी दो मेट्रो ट्रेन, जो बिना ड्राइवर चलेगी

भारत और चीन के बीच लंबे से समय से सीमा विवाद को लेकर तनाव जारी है। कई बार चीन अपनी नापाक हरकतों के कारण फजीहत भी करवा चुका है। इसी बीच चीन को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, अगले महीने यानी अक्टूबर में चीन से दो बिना ड्राइवर चलने वाली मेट्रो ट्रेन आने वाली है।

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driverless trains

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भारत और चीन के बीच लंबे से समय से सीमा विवाद को लेकर तनाव जारी है। कई बार चीन अपनी नापाक हरकतों के कारण फजीहत भी करवा चुका है। इसी बीच चीन को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, अगले महीने यानी अक्टूबर में चीन से दो बिना ड्राइवर चलने वाली मेट्रो ट्रेन आने वाली है। बेंगलुरु का पहला ड्राइवरलेस ट्रेन सेट, जिसे येलो लाइन (आरवी रोड-बोम्मासंद्रा) पर तैनात किया जाएगा, अक्टूबर तक चीन से आने की उम्मीद है। छह डिब्बों वाली ट्रेनों (12 कोच) के पहले दो सेट चीन से आएंगे। जबकि शेष 204 कोच भारत में टीटागढ़ रेल द्वारा स्वदेशी रूप से निर्मित किए जाएंगे।


वर्तमान में 57 ट्रेनों हो रहा है संचालन

मनीकंट्रोल की खबर के अनुसार ने चीन रेलवे रोलिंग स्टॉक कॉरपोरेशन (सीआरआरसी) के कारखाने से रोलिंग स्टॉक के प्रोटोटाइप की विशेष तस्वीरें सामने आई है। यह पहली बार है कि बेंगलुरु स्थित बीईएमएल के अलावा कोई रोलिंग स्टॉक निर्माता, बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीएमआरसीएल) को कोचों की आपूर्ति कर रहा है। वर्तमान में बीएमआरसीएल 57 ट्रेनों का संचालन करता है, जो सभी बीईएमएल द्वारा निर्मित हैं।

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अगले महीने पहुंचेगे चेन्नई

सूत्रों का कहना है कि बीएमआरसीएल इंजीनियरों की एक टीम फैक्ट्री स्वीकृति परीक्षण (एफएटी) के लिए चीन में है। ट्रेन प्रणालियों के संचालन की जांच के लिए फैक्टरी स्वीकृति परीक्षण प्रगति पर हैं। सिग्नलिंग और रोलिंग स्टॉक इंटरफेस के साथ कुछ मुद्दे हैं जिन्हें वर्तमान में हल किया जा रहा है। एक बार फैक्टरी स्वीकृति परीक्षण पूरा हो जाने के बाद, पहली दो ट्रेनों को चीन से चेन्नई ले जाया जाएगा। अगले महीने अक्टूबर तक बंदरगाह पर पहुंचेगा। फिर वे सड़क मार्ग से चेन्नई से बेंगलुरु पहुंचेंगे। एक बार जब वे बेंगलुरु पहुंचेंगे, तो ट्रायल रन और परीक्षण आयोजित किया जाएगा।

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