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बैट्री वाली स्कूटी के बाद अब आ गई आटा चक्की भी, आत्मनिर्भर बनेंगे दिव्यांग

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दरभंगा में सेंटर फॉर स्टडीज ऑफ ट्रेडिशन एंड सिस्टम्स (सीएसटीएस) द्वारा विकसित बैटरी आधारित चल आटा चक्की सिस्टम का उद्घाटन किया।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दरभंगा में सेंटर फॉर स्टडीज ऑफ ट्रेडिशन एंड सिस्टम्स (सीएसटीएस) द्वारा विकसित बैटरी आधारित चल आटा चक्की सिस्टम का उद्घाटन किया। यह सिस्टम ट्राइसाइकिल पर लगाया गया है, जिससे गांवों में घूमकर आटा, सत्तू और मसाले पिसे जा सकते हैं। यह पहल दिव्यांगजनों के लिए रोजगार और ग्रामीणों को स्वस्थ भोजन विकल्प उपलब्ध कराने का प्रयास है।

आत्मनिर्भर बनेंगे दिव्यांग

दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. सविता झा ने बैटरी आधारित मोबाइल आटा चक्की की सराहना करते हुए इसे रोजगार सृजन का एक सशक्त माध्यम बताया। उनका कहना है कि इस चक्की से लोग शुद्ध आटा, सत्तू और बेसन तैयार कर सकते हैं, जो न केवल स्वयं के लिए बल्कि दूसरों को भी स्वस्थ भोजन विकल्प प्रदान करता है। इसका उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे वे अपनी आजीविका कमाने में सक्षम हो सकें और समाज में साक्षमता की भावना विकसित हो।

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रोजगार बढ़ाने के लिए "सक्षम मिथिला" ऐप लॉन्च

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने "ट्राईसाइकिल आधारित मोबाइल आटा चक्की" की पहल के तहत 10 लाभार्थियों को यूनिट प्रदान कीं। प्रत्येक यूनिट का खर्च 1.20 लाख रुपये है। इस योजना को विस्तार देने और रोजगार बढ़ाने के लिए "सक्षम मिथिला" ऐप लॉन्च किया गया। यह ऐप उपभोक्ताओं को मोबाइल चक्की सेवाओं को बुक करने और इच्छुक संचालकों को पंजीकरण करने में मदद करेगा। स्वच्छता और सुलभता सुनिश्चित करने वाली यह पहल समाज के वंचित वर्गों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास है।