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बीजेपी-जदयू में ’50-50′ का फॉर्मूला! जानें नीतीश के दिल्ली जाने के बाद बिहार सरकार का नया गणित

Bihar Politics: बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद चुने जाने के बाद भाजपा और जदयू के बीच नई सरकार गठन की कवायद तेज हो गई है। दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं के बीच सरकार गठन के फॉर्मूले पर सहमति बनाई जा रही है। दोनों दलों को लगभग बराबर मंत्री पद मिलेंगे और अन्य […]

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pm modi nitish

pm modi nitish kumar

Bihar Politics: बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद चुने जाने के बाद भाजपा और जदयू के बीच नई सरकार गठन की कवायद तेज हो गई है। दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं के बीच सरकार गठन के फॉर्मूले पर सहमति बनाई जा रही है। दोनों दलों को लगभग बराबर मंत्री पद मिलेंगे और अन्य सहयोगियों के खाते में भी एक से दो मंत्री पद जाएंगे। उधर, नीतीश कुमार के करीबी सूत्रों का कहना है कि स्वास्थ्य कारणों से नीतीश कुमार केंद्र में मंत्री नहीं बनेंगे। वे बतौर राज्यसभा सांसद पटना में ही रहकर पार्टी नेताओं का मार्गदर्शन करेंगे।

राज्यसभा जाने के 14 दिन के भीतर देना होगा इस्तीफा

16 मार्च को नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद बन गए। वह बिहार विधान परिषद सदस्य भी हैं। नियम के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति दो सदनों का सदस्य चुना जाता है, तो उसे 14 दिन के भीतर एक सदन से इस्तीफा देना अनिवार्य है, नहीं तो दोनों सीटें रिक्त हो जाएंगी। ऐसे में नीतीश कुमार को इस महीने के आखिर तक एमएलसी पद छोड़ना होगा। 9 अप्रैल के बाद वह राज्यसभा की शपथ लेंगो। सूत्रों का कहना है कि नीतीश कुमार को अब तय करना है कि वह 9 अप्रैल के पहले मुख्यमंत्री पद छोड़ेंगे या इसके बाद?

सरकार गठन के दो फॉर्मूलों पर हो रही बात

फिलहाल, नीतीश कुमार का ध्यान राज्य में चल रही समृद्धि यात्रा पर है। इस बीच भाजपा और जदयू ने नई सरकार में शामिल चेहरों पर मंथन तेज किया है। सूत्रों का कहना है कि नई सरकार में कई फॉर्मूले पर चर्चा हो रही है। एक फॉर्मूला है कि भाजपा के पास सीएम हो और बदले में जदयू को दो डिप्टी सीएम मिले, वहीं दूसरा फॉर्मूला हो कि भाजपा के पास सीएम और डिप्टी सीएम हों, वहीं बदले में जदयू के पास एक डिप्टी सीएम, लेकिन मंत्री पदों की संख्या ज्यादा हो।

बीजेपी के पास दो डिप्टी सीएम और 16 मंत्री

आपको बता दें कि वर्तमान में भाजपा के पास दो डिप्टी सीएम और 16 मंत्री हैं, जबकि जदयू के पास मुख्यमंत्री और 15 मंत्री हैं। सहयोगी दलों एलजेपी (रामविलास) के पास दो और आरएलपी और हम के पास एक-एक मंत्री पद हैं।