
Arvind Kejriwal(AI Image-ChatGpt)
AAP की मुसीबतें खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। पंजाब में आम आदमी पार्टी के लिए हालात आसान नहीं दिख रहे। राज्यसभा में बगावत के बाद अब लोकसभा को लेकर भी सियासी हलचल तेज हो गई है। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने दावा किया है कि पार्टी के दो लोकसभा सांसद भी जल्द इस्तीफा दे सकते हैं। मजीठिया का कहना है कि AAP के अंदर असंतोष अब खुलकर सामने आ रहा है। उनके मुताबिक, पंजाब में सरकार की कार्यशैली और नेतृत्व को लेकर कई नेता नाराज हैं। यही वजह है कि अब बगावत सिर्फ राज्यसभा तक सीमित नहीं रहेगी।
दरअसल, 2024 के लोकसभा चुनाव में पंजाब से आप को सिर्फ तीन सीटें मिली थीं। ऐसे में अगर दो सांसद भी पार्टी छोड़ते हैं, तो संसद में पार्टी की स्थिति लगभग खत्म होने जैसी हो जाएगी। यह झटका सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि मनोबल के लिहाज से भी बड़ा माना जाएगा।
पिछले दिनों पार्टी को सबसे बड़ा झटका राज्यसभा में लगा। कई बड़े चेहरे एक साथ पार्टी से अलग हो गए। इनमें राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल और हरभजन सिंह जैसे नाम शामिल हैं। इन नेताओं का जाना आप के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इस घटनाक्रम ने पंजाब की भगवंत मान सरकार को भी दबाव में ला दिया है। पार्टी के भीतर क्या चल रहा है, इस पर अब सवाल उठने लगे हैं।
बीजेपी लगातार यह कह रही है कि आप सरकार की नींव कमजोर हो रही है। मजीठिया का दावा है कि आने वाले दिनों में कुछ विधायक भी पार्टी छोड़ सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो सरकार के बहुमत पर असर पड़ सकता है। इसी को लेकर विपक्ष ने विधानसभा में फ्लोर टेस्ट की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि सरकार को अपना बहुमत साबित करना चाहिए।
वहीं, आप नेतृत्व इन सभी दावों को खारिज कर रहा है। पार्टी का कहना है कि जो लोग गए हैं, उनका जनाधार मजबूत नहीं था। साथ ही यह भी कहा गया है कि सरकार को विधायकों का पूरा समर्थन है और कोई खतरा नहीं है। लेकिन राजनीति में धारणा भी बहुत मायने रखती है। लगातार हो रहे दलबदल और आरोप-प्रत्यारोप के बीच आप के सामने चुनौती बड़ी होती जा रही है। खासकर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह अस्थिरता पार्टी की राह मुश्किल बना सकती है।
Updated on:
28 Apr 2026 04:38 pm
Published on:
28 Apr 2026 04:37 pm
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