
Bilkis Bano Case: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को साल 2002 में गोधरा कांड के बाद हुए दंगों के दौरान बिलकिस बानो के साथ सामूहिक बलात्कार और उसके परिवार के सदस्यों की हत्या के मामले में 11 दोषियों को रिहा करने के गुजरात सरकार के सजा माफी के आदेश को रद्द कर दिया। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने अपने फैसलेे में कहा कि हमारा मानना है कि गुजरात सरकार के पास छूट के लिए आवेदन पर विचार करने या उत्तरदाताओं (दोषियों) को छूट देने का कोई अधिकार नहीं था। आइये जानते हैं कौन हैं बिलकिस बानो, जिसके पूरे परिवार के कत्ल के बाद उसके साथ हुआ था गैंगरेप।
कौन हैं बिलकिस बानो
गुजरात दंगों के सबसे चर्चित मामलों में से एक बिलकिस बानो मामला दो दशक बाद चर्चा में आया। 3 मार्च, 2002 के दिन बिलकिस बानो और उसके परिवार के लिए के साथ जो हुआ उसको कभी नहीं भूला जा सकता। गुजरात के गोधरा कांड के बाद बेकाबू भीड़ बिलकिस के घर में घुस गई और उसके परिवार के सात सदस्यों को मार डाला। इतना ही नहीं दंगाईयों ने बिलकिस के साथ गैंगरेप किया। बिलकिस के अलावा उसकी मां और तीन अन्य महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया और उन्हें बेरहमी से पीटा गया।
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क्या हुआ था उस दिन?
दरअसल, 27 फरवरी 2002 को साबरमती एक्सप्रेस के डिब्बे में आग लगने के बाद हुई हिंसा के बाद 59 कारसेवकों की जान चली गई। उस वक्त गर्भवती बिलकिस बानो अपनी तीन साल की बच्ची और 15 अन्य लोगों गांव से भाग रहे थे। इन सभी लोगों ने तीन मार्च को एक खेत में शरण ली थी। तब भी हंसिया, तलवार और लाठियां लिए 20 से 30 लोगों की भीड़ ने उन पर हमला किया। भीड़ ने बिलकिस बानो के साथ सामूहिक बलात्कार किया और उनके परिवार के सात लोगों को मार डाला। इस दौरान उनकी बेटी की भी हत्या कर दी गई। वहीं, बाकी अन्य लोग वहां से भागने में सफल हो गए।
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Published on:
08 Jan 2024 02:01 pm
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