
ईडब्ल्यूएस कोटा पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भाजपा ने किया स्वागत
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को दिए गए आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गरीब कल्याण विजन को इसका श्रेय दिया है। भाजपा राष्ट्रीय संगठन महासचिव बी एल संतोष ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट कर कहा, सुप्रीम कोर्ट ने अनारक्षित वर्गों के लिए ईडब्ल्यूएस आरक्षण की वैधता को बरकरार रखा। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गरीब कल्याण के विजन को एक और बड़ा श्रेय है। सामाजिक न्याय की दिशा में यह एक बड़ा बढ़ावा है।
गरीब की नई परिभाषा पर होनी चाहिए बहस - सांसद विवेक ठाकुर
भाजपा राज्य सभा सांसद विवेक ठाकुर ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि, गरीबी की कोई जाति नहीं होती, गरीब 'गरीब' होता है। ठाकुर ने गरीब की नई परिभाषा और आरक्षण की समय सीमा पर नए सिरे से चर्चा करने की वकालत करते हुए कहाकि, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते समय जो टिप्पणी की है उससे यह स्पष्ट हुआ है कि गरीब की नई परिभाषा पर बहस होनी चाहिए ताकि वंचित आजीवन वंचित न रहे।
नए वंचितों को भी मिले अवसर
आरक्षण की समय सीमा तय करने की वकालत करते हुए ठाकुर ने आगे कहा कि एक ऐसी नीति बननी चाहिए, जिसमें आरक्षण का लाभ पाने वाला युग-युगांतर तक लाभार्थी न रहे ताकि नए वंचितों को अवसर मिल सके, चाहे श्रेणी कोई हो।
पीएम मोदी के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर
सामाजिक न्याय की दिशा में इसे बड़ा कदम बताते हुए उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए देश के गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया था, जिसपर आज सुप्रीम कोर्ट ने भी अपनी मुहर लगा दी है।
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण पर चल रहा काम - देवेंद्र फडणवीस
मुंबई से महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, सुप्रीम कोर्ट ने PM नरेंद्र मोदी के EWS आरक्षण को हरी झंडी दी है। इसके कारण समाज में जिन लोगों को जातीय आधार पर आरक्षण नहीं मिल रहा पर वो गरीब हैं उनको भी 10 फीसद आरक्षण मिल रहा है। यहां भी मराठा आरक्षण पर हमारा काम चल रहा है।
फैसले का हम सम्मान करते हैं - गिरिराज सिंह
EWS पर सुप्रीम कोर्ट के फैसला पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने दिल्ली में कहा कि, संविधान को मानने वाले सभी लोग कोर्ट के इस फैसले को मानने के लिए तैयार हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हम सम्मान करते हैं।
Updated on:
07 Nov 2022 03:27 pm
Published on:
07 Nov 2022 03:17 pm

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