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Terror Conspiracy India: भारत को दहलाने की म्यांमार में चल रही थी तैयारी, 6 यूक्रेनी और 1 अमेरिकी नागरिक को NIA ने किया गिरफ्तार

Terror Conspiracy India: भारत में आतंकी हमले की साजिश रचने के आरोप में 7 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। ये लोग बिना इजाजत मिजोरम के अंदरुनी इलाके में दाखिल हो गए और... पढ़ें पूरी खबर...

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NIA

(प्रतीकात्मक फोटो। IANS)

Terror Conspiracy India: देश को आतंकी हमलों से दहलाने की साजिश के आरोप में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने 6 यूक्रेनी समेत 1 अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया है। NIA ने पिछले हफ्ते कई टीमों के साथ मिलकर यह कार्रवाई की। आरोपियों को अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट (UAPA) की धारा 18 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है।

अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए

NIA के अनुसार ये सभी विदेशी नागरिक वैध रूप से भारत में दाखिल हुए थे, लेकिन बिना इजाजत के वह मिजोरम के इनर लाइन वाले इलाके में चले गए। इसके बाद वह म्यांमार गए। जहां उन्होंने उग्रवादियों को हथियारों और ड्रोन चलाने की ट्रेनिंग दी। NIA की जांच में यह बात भी सामने आई कि प्रशिक्षण के लिए यूरोप से ड्रोन भी मंगाए गए थे।

आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया

NIA ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें 11 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। एजेंसी आरोपियों से अवैध प्रवेश, हथियार प्रशिक्षण और ड्रोन ट्रेनिंग के ठिकानों और ड्रोन आयात से जुड़े नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही है। NIA इस पूरे मामले में यह जांच भी कर रही है कि क्या इन विदेशी नागरिकों के संबंध किन संगठनों से हैं।

कहां-कहां से गिरफ्तार किए गए आरोपी

जानकारी के अनुसार, NIA की टीम ने अमेरिकी नागरिक को कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया, जबकि तीन यूक्रेनी नागिर को लखनऊ और तीन को दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में लिया। NIA से जुड़े सूत्र ने कहा कि मिजोरम के इनर लाइन वाले इलाकों में वह भारत विरोधी कुछ जातीय समूहों से मिले। NIA की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने यूरोप से ड्रोन की कई खेप मिज़ोरम में पहुंचाई थीं।

पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने अपने आदेश में कहा कि सबूत इकट्ठा करने, आपराधिक साज़िश का पर्दाफ़ाश करने, सह-आरोपियों की पहचान करने और आरोपियों के मोबाइल डेटा का विश्लेषण करने जैसे पहलू ऐसे हैं कि आरोपियों की पुलिस हिरासत ज़रूरी है।