
BJP नेता राम माधव ने अमेरिका में विवादित बयान दिया
भाजपा नेता और RSS के वरिष्ठ विचारक राम माधव अमेरिका के वाशिंगटन डीसी स्थित हडसन इंस्टीट्यूट में आयोजित 'न्यू इंडिया कॉन्फ्रेंस' के दौरान एक पैनल चर्चा में दिए गए बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। पैनल चर्चा के दौरान राम माधव ने कहा- भारत ने अमेरिका से संबंध बनाए रखने के लिए क्या नहीं किया? उन्होंने आगे कहा कि हमने ईरान से तेल खरीदना बंद करने पर सहमति दी। इस बयान पर विवाद बढ़ने के बाद राम माधव ने माफी मांगी है।
हडसन इंस्टीट्यूट में आयोजित कार्यक्रम में राम माधव ने कहा- भारत ने अमेरिका से संबंध बनाए रखने के लिए क्या नहीं किया? उन्होंने आगे कहा कि हमने ईरान से तेल खरीदना बंद करने पर सहमति दी। हमने रूस से तेल खरीदना बंद करने पर राजी होने के बावजूद विपक्ष की भारी आलोचना झेली।
माधव ने कहा कि हम 50 प्रतिशत टैरिफ पर राजी हो गए। इसका मतलब है कि हमने कुछ नहीं कहा, हमने सब्र किया। नई ट्रेड डील में भी हम 18 प्रतिशत टैरिफ पर राजी हो गए, जो पहले से ज्यादा है। मेरा मतलब एवरेज टैरिफ से है…तो भारत कहां पीछे रह गया? इस चर्चा में अमेरिका की पूर्व राजनयिक एलिजाबेथ थ्रेलकेल्ड और अमेरिका के पूर्व उप विदेश मंत्री कर्ट कैंपबेल भी शामिल थे।
बीजेपी नेता राम माधव का यह बयान भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों पर केंद्रित था। राम माधव के बयान के बाद कांग्रेस पार्टी ने तीखा हमला बोल दिया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने अमेरिकी प्रशासन को खुश करने के लिए भारत के राष्ट्रीय हितों से समझौता किया है। राहुल गांधी ने इसे 'राष्ट्रीय सरेंडर संघ' बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका में RSS का असली चेहरा सामने आ गया।
बीजेपी नेता राम माधव के बयान के बाद राहुल गांधी ने 'X' पर लिखा- राष्ट्रीय सरेंडर संघ। नागपुर में फर्जी राष्ट्रवाद। अमेरिका में सरासर गुलामी। उन्होंने आगे लिखा कि राम माधव ने संघ का असली चेहरा ही उजागर किया है। राम माधव की टिप्पणी पर कांग्रेस के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि अपने दिखावटी राष्ट्रवाद के बावजूद RSS विदेशों में स्वीकृति पाने के लिए बेताब है।
अमेरिका में दिए गए बयान पर विवाद बढ़ने के बाद राम माधव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर सफाई देते हुए माफी मांगी। उन्होंने स्पष्ट लिखा- जो मैंने कहा वह गलत था। भारत ने कभी भी रूस से तेल आयात रोकने पर सहमति नहीं दी। साथ ही 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने का हमने जोरदार विरोध किया था। मैं दूसरे पैनलिस्ट के जवाब में सीमित तर्क दे रहा था, लेकिन तथ्यों में त्रुटि हो गई। इसके लिए मैं खेद व्यक्त करता हूं। राम माधव ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की विदेश नीति राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए आगे बढ़ रही है। रूस से तेल आयात पर कोई समझौता नहीं हुआ है।
Published on:
26 Apr 2026 03:18 am
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