
बीजेपी एमएलसी केशव प्रसाद (फोटो - आईएएनएस)
BJP MLC Keshava Prasad on Rahul Gandhi: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को लेकर बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आ रही है। इसी दौरान कर्नाटक के बीजेपी एमएलसी केशव प्रसाद ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने राहुल गांधी को अपने बयानों में संयम बरतने की सलाह दी है।
केशव प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी कई बार ऐसे बयान दे चुके हैं जिनके बाद उन्हें माफी भी मांगनी पड़ी है। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में अदालतों की टिप्पणियों का भी हवाला दिया।
बीजेपी एमएलसी केशव प्रसाद ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को अपने बयानों में संयम रखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी समय-समय पर ऐसी टिप्पणियां करते हैं और बाद में उन्हें अदालत में माफी मांगनी पड़ती है।
उन्होंने कहा कि देश की सुप्रीम कोर्ट और कई हाईकोर्ट भी राहुल गांधी को लेकर सख्त टिप्पणियां कर चुके हैं। हालांकि, अपने बयान में केशव प्रसाद ने किसी खास मामले या अदालत की टिप्पणी का नाम नहीं लिया।
केशव प्रसाद ने स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और आने वाले वर्षों को लेकर देश के सामने एक स्पष्ट लक्ष्य रखा है।
उन्होंने कहा कि अमृत काल में भारत दुनिया की नंबर एक आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने देश की युवा शक्ति को भी भारत की बड़ी ताकत बताया।
बीजेपी एमएलसी ने नक्सलवाद को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि देश में नक्सलवाद को खत्म किया जाएगा। केशव प्रसाद ने दावा किया कि जमीनी स्तर पर नक्सली कैडर को काफी हद तक खत्म किया जा चुका है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि 'अर्बन नक्सली' अभी भी कांग्रेस और दूसरी राजनीतिक पार्टियों के पीछे छिपे हुए हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहनी चाहिए।
राहुल गांधी के बयानों को लेकर बीजेपी नेता लगातार सवाल उठाते रहे हैं। केशव प्रसाद ने भी इसी कड़ी में राहुल गांधी से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने अदालतों की टिप्पणियों का हवाला देते हुए राहुल गांधी की बयानबाजी पर सवाल उठाया। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह किन मामलों और किन अदालती टिप्पणियों का जिक्र कर रहे थे।
Updated on:
15 Aug 2026 08:32 pm
Published on:
15 Aug 2026 08:32 pm
