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RSS पर प्रियांक खरगे के बयान से भड़के आचार्य प्रमोद कृष्णम, पूछा- ‘आजादी की लड़ाई में आपका क्या रोल था?’

RSS की स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका पर प्रियांक खरगे के सवाल पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पलटवार किया। पूछा- आजादी की लड़ाई में आपका और परिवार का क्या रोल था?
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भारत

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Rahul Yadav

Aug 15, 2026

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आचार्य प्रमोद कृष्णम (फोटो - आईएएनएस)

Acharya Pramod Krishnam on Priyank Kharge: कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को लेकर दिए बयान पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पलटवार किया है। उन्होंने आरएसएस की स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका पर सवाल उठाने को लेकर प्रियांक खरगे को घेरा। आचार्य प्रमोद ने पूछा कि अगर वह आरएसएस से आजादी की लड़ाई में उसकी भूमिका पूछ रहे हैं तो प्रियांक खरगे और उनके परिवार का स्वतंत्रता संग्राम में क्या योगदान था?

प्रियांक खरगे पर आचार्य प्रमोद का निशाना

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि प्रियांक खरगे ऐसी बातें कर रहे हैं जिन्हें वह खुद नहीं समझते। उन्होंने आरोप लगाया कि खरगे का मकसद सिर्फ आरएसएस पर हमला करना है। उन्होंने कहा कि प्रियांक खरगे को अपनी बात सोच-समझकर रखनी चाहिए। आचार्य प्रमोद ने सवाल किया मैं प्रियांक खरगे से पूछना चाहता हूं कि देश की आजादी में आपका और आपके परिवार का क्या योगदान था?

उन्होंने यह भी कहा कि आरएसएस को लेकर कोई टिप्पणी करने से पहले इतिहास को ठीक से समझना चाहिए।

नेहरू ने आरएसएस की तारीफ की थी

आरएसएस की स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका को लेकर प्रियांक खरगे के सवाल पर आचार्य प्रमोद ने पंडित जवाहरलाल नेहरू का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रियांक खरगे यह भूल गए हैं कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने आरएसएस की तारीफ की थी।

आचार्य प्रमोद ने कहा कि इतिहास को एकतरफा नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने प्रियांक खरगे को अपनी मर्यादा में रहकर बयान देने की सलाह भी दी।

आरएसएस की भूमिका पर क्या बोले थे प्रियांक खरगे?

दरअसल, कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने आरएसएस के संगठनात्मक और कानूनी दर्जे को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि आरएसएस औपचारिक रूप से रजिस्टर्ड संगठन नहीं है। उन्होंने सवाल किया था कि ऐसे संगठन को प्रतिबंधित करने की बात किस आधार पर की जा सकती है।

खरगे ने आरएसएस से स्वतंत्रता आंदोलन में उसकी भूमिका को लेकर भी सवाल किया था। उन्होंने पूछा था कि संघ ने आजादी की लड़ाई के दौरान किस आंदोलन में हिस्सा लिया था। उन्होंने विभाजन के बाद हुए सांप्रदायिक दंगों का भी जिक्र किया और आरएसएस की भूमिका पर सवाल उठाए।

सार्वजनिक संपत्तियों के इस्तेमाल पर भी विवाद

आरएसएस को लेकर यह विवाद ऐसे समय में बढ़ा है, जब कर्नाटक सरकार सरकारी परिसरों और सार्वजनिक संपत्तियों के इस्तेमाल को नियंत्रित करने के लिए नया कानून लाने की तैयारी कर रही है। कैबिनेट ने 'द कर्नाटक रेगुलेशन ऑफ यूज ऑफ गवर्नमेंट प्रिमाइसेज एंड पब्लिक प्रॉपर्टी बिल, 2026' पर चर्चा की है।

बीजेपी का आरोप है कि इस प्रस्तावित कानून का निशाना आरएसएस है। वहीं सरकार का कहना है कि कानून किसी एक संगठन को ध्यान में रखकर नहीं बनाया जा रहा है। सरकार के मुताबिक, इसका मकसद सरकारी स्कूल, कॉलेज, मैदान और अन्य सार्वजनिक जगहों के इस्तेमाल को व्यवस्थित करना है।

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