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‘घटाने का वादा कर 3 रुपये महंगा कर दिया पेट्रोल-डीजल’, BJP ने याद दिलाए कांग्रेस के चुनावी वादे

Himachal Pradesh Congress: बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ समस्या यह है कि वे कहते कुछ हैं और करते कुछ और हैं।
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Petrol Diesel Price

Petrol Diesel की रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ। (फोटो: AI)

BJP MP Sudhanshu Trivedi Statement: बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि हिमाचल सरकार ने चुनावों के दौरान वादा किया था कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें घटनाएंगे। चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस सरकार ने अपना वादा पूरा नहीं किया। तेल की कीमत कम करने की बजाय उन्होंने 3 रुपये महंगी कर दी।

'प्रत्येक चीज पर वसूल रहे है टैक्स'

भाजपा सांसद ने कहा कि क्या कभी ऐसी स्थिति आई है जब वेतन भी न दिया जा सके? इसके बावजूद, देखिए आज कितनी चीजों पर कर लग रहे हैं। अगर आप किसी पार्क में जाते हैं, तो वन पार्कों में प्रवेश शुल्क भी लगता है, शौचालयों पर भी कर लगता है और पेट्रोल पर भी कर बढ़ा दिया गया है।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि हम वर्तमान में पेट्रोलियम आयात के लिए लगभग 45 देशों से बातचीत कर रहे हैं और 26-27 देशों से आपूर्ति पहले से ही आ रही है। हम रूस से लेकर वेनेजुएला और अन्य देशों तक अपने स्रोतों में विविधता ला रहे हैं, ताकि हम किसी एक देश पर निर्भर न रहें।

चुनाव के दौरान कांग्रेस ने किए थे कई वादे

कांग्रेस पर हमला बोलते हुए बीजेपी सांसद ने कहा कि उन्होंने कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के बारे में कई वादे किए। साल 2024 में हिमाचल प्रदेश में ऐसी स्थिति देखी गई जहां वेतन समय पर नहीं दिया जा सका। आखिरकार मंत्रियों को घोषणा करनी पड़ी कि वे दो महीने के लिए अपना वेतन छोड़ देंगे।

NEET परीक्षा को बताया संवेदनशील मामला

NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले पर भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यह बेहद संवेदनशील मामला है और सरकार सतर्क और सावधान है। सॉलिसिटर जनरल ने भी सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्यक्तिगत रूप से इस मामले की गंभीरता से निगरानी कर रहे हैं। इस बार NEET में जो हुआ है वह असामान्य है।

उन्होंने कहा कि परंपरागत रूप से प्रश्नपत्र लीक को छपाई या परिवहन के दौरान होने वाली घटना माना जाता था। इस बार ऐसा प्रतीत होता है कि प्रश्नपत्र तैयार करने में शामिल लोग भी इस लीक से जुड़े हुए हैं, जो एक असाधारण स्थिति है।

इसकी तुलना किसी न्यायाधीश द्वारा अपना फैसला सुनाए जाने से पहले ही लीक करने से की जा रही है। ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर यह एक गंभीर चिंता का विषय बन जाता है और सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। अब परीक्षा प्रक्रिया को और मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

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