
Budget 2025 Health
Union Budget 2025 Health : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को बजट 2025 पेश किया। इस बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं, जिनका उद्देश्य चिकित्सा सेवाओं को सुलभ और बेहतर बनाना है। भारत सरकार ने गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को राहत देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब 36 नई जीवनरक्षक दवाओं और दवाओं को बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) से पूरी तरह मुक्त किया जाएगा। इसके अलावा, 6 जीवनरक्षक दवाओं को रियायती सीमा शुल्क (5%) के दायरे में लाया गया है।आइए, इन प्रमुख घोषणाओं पर एक नज़र डालते हैं:
सरकार 'हील इन इंडिया' पहल के तहत चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देगी और वीजा प्रक्रिया को सरल बनाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र की साझेदारी में भारत में चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे न केवल विदेशी मुद्रा आएगी, बल्कि देश की चिकित्सा प्रतिष्ठा को भी बल मिलेगा।
कैंसर और दुर्लभ बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 36 दवाओं को मूल सीमा शुल्क से छूट दी गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि कैंसर, पुरानी या अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए, उन्होंने 36 जीवन रक्षक दवाओं और औषधियों को मूल सीमा शुल्क से पूरी तरह छूट प्राप्त दवाओं की सूची में शामिल करने का प्रस्ताव दिया है। इससे इन बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के लिए अगले वर्ष मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में 10,000 सीटें और अगले 5 वर्षों में 75,000 सीटें बढ़ाई जाएंगी। यह कदम डॉक्टरों की कमी को दूर करने और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को सुनिश्चित करने में मददगार होगा।
सभी जिलों में 3 साल के भीतर सरकारी अस्पतालों में 200 कैंसर डेकेयर सेंटर स्थापित किए जाएंगे। यह घोषणा कैंसर रोगियों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई है, जिससे उन्हें अपने ही जिलों में बेहतर इलाज मिल सकेगा।
गिग वर्कर्स को पीएम जन आरोग्य योजना के तहत स्वास्थ्य सेवा प्रदान की जाएगी। यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जो असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करेगा।
सभी सरकारी माध्यमिक विद्यालयों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में भी टेलीमेडिसिन और अन्य डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।
पिछले बजट में स्वास्थ्य मंत्रालय को 90958.63 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जिसमें स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के लिए 87656.90 करोड़ रुपये और स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के लिए 3301.73 करोड़ रुपये शामिल थे। पिछले बजट में कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली तीन दवाओं को मूल सीमा शुल्क से पूरी तरह छूट देने का प्रस्ताव किया गया था।
हाल ही में आए आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि जो लोग कम अल्ट्रा-प्रोसेस्ड या पैक्ड जंक फूड का सेवन करते हैं, उनका मानसिक स्वास्थ्य उन लोगों की तुलना में बेहतर होता है जो नियमित रूप से इनका सेवन करते हैं। सर्वेक्षण में यह भी कहा गया है कि जो लोग कम व्यायाम करते हैं, अपना खाली समय सोशल मीडिया पर बिताते हैं या अपने परिवारों के करीब नहीं हैं, उनका मानसिक स्वास्थ्य खराब होता है। सर्वेक्षण में मानसिक स्वास्थ्य को आर्थिक एजेंडे के केंद्र में रखने की बात कही गई है।
बजट 2025 (Budget 2025) में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए की गई घोषणाएं सराहनीय हैं। इनसे न केवल चिकित्सा सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि आम लोगों का स्वास्थ्य भी बेहतर होगा। विशेष रूप से, कैंसर रोगियों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए की गई घोषणाएं बेहद महत्वपूर्ण हैं। उम्मीद है कि इन योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन से देश में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति में सकारात्मक बदलाव आएगा।
Published on:
01 Feb 2025 02:04 pm
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