5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अब विदेश में पढ़ना होगा सस्ता, Budget 2026 में की गई बड़ी घोषणा

Union Budget 2026 में LRS के तहत शिक्षा और मेडिकल रेमिटेंस पर TCS घटाकर 2 प्रतिशत किया गया है। इससे विदेश पढ़ाई की योजना बना रहे छात्रों और उनके परिवारों को वित्तीय राहत मिलने की उम्मीद है।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Himadri Joshi

Feb 01, 2026

Finance Minister Nirmala Sitharaman

Nirmala Sitharaman (Image: ANI)

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश किया। इस बजट में सरकार ने विदेश पढ़ाई और मेडिकल जरूरतों से जुड़े खर्चों पर बड़ा फैसला लिया है। इसमें उदारीकृत प्रेषण योजना LRS (Liberalised Remittance Scheme) के तहत शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए भेजी जाने वाली राशि पर लगने वाले स्रोत पर कर संग्रह TCS (Tax Collected at Source) को घटाकर 2 प्रतिशत करने की घोषणा की गई है, जिससे विदेश में पढ़ाई की योजना बना रहे छात्रों और उनके परिवारों को सीधी वित्तीय राहत मिलने की उम्मीद है।

5 प्रतिशत की जगह केवल 2 प्रतिशत TCS

Union Budget 2026 में वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि LRS के अंतर्गत शिक्षा और मेडिकल जरूरतों के लिए अब 5 प्रतिशत की जगह केवल 2 प्रतिशत TCS देना होगा। यह दर 10 लाख रुपये से अधिक की रेमिटेंस पर लागू होगी। इससे पहले बजट 2025 में सरकार ने उन मामलों में TCS से छूट दी थी, जहां शिक्षा के लिए लोन तय वित्तीय संस्थानों से लिया गया हो। नए फैसले से नकद और लोन आधारित दोनों तरह की रेमिटेंस पर दबाव कम होगा।

TCS में कटौती से शिक्षा रेमिटेंस बढ़ेगा

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के आंकड़ों के अनुसार विदेश पढ़ाई से जुड़ी रेमिटेंस में हाल के महीनों में उतार चढ़ाव देखा गया है। नवंबर 2025 में शिक्षा के लिए विदेश भेजी गई राशि घटकर 120.94 मिलियन डॉलर रही, जो अक्टूबर से करीब 26 प्रतिशत और सितंबर से 54 प्रतिशत कम थी। सरकार का मानना है कि TCS दर में कटौती से आने वाले समय में शिक्षा रेमिटेंस को फिर से गति मिलेगी और छात्रों को फंड जुटाने में आसानी होगी।

विदेश पढ़ाई पर सीधा असर

जर्मनी जैसे देशों में पढ़ाई के लिए छात्रों को 12 लाख रुपये से अधिक की राशि ब्लॉक्ड अकाउंट में दिखानी होती है। पहले 10 लाख रुपये से ऊपर भेजी गई रकम पर 5 प्रतिशत TCS देना पड़ता था। अब 2 प्रतिशत TCS से परिवारों पर तत्काल नकदी बोझ कम होगा। सरकार के अनुसार पब्लिक सेक्टर बैंकों द्वारा शिक्षा लोन वितरण में भी 2019-20 की तुलना में 2023-24 में करीब 13,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।