
नई दिल्ली। उरी ( Uri ) मुठभेड़ में जिंदा गिरफ्तार आतंकी अली बाबर ( Ali Babar )ने पाकिस्तानी सेना और उसकी खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस का पर्दाफाश कर दिया है। भारत में आतंकी मंसूबों को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान ( Pakistan ) ने आतंकी अली बाबर को भारत भेजा था। ये कबूलनामा खुद बरार ने कैमरे के सामने किया है।
बाबर ने कैमरे पर आकर जिन बातों का खुलासा किया है उससे पाकिस्तान दुनिया के सामने बुरी तरह बेनकाब हो गया है। 19 वर्षीय बाबर ने कबूला है कि उसको पाकिस्तानी सेना और आईएसआई ने भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कराई।
भारतीय सेना की गलत छवि दिखाकर किया ब्रेनवॉश
बाबर ने अपने कबूलनामे में कहा कि, आईएसआई के लोगों ने भारतीय सेना के बारे में गलत बातें बताकर और दिखाकर उसका ब्रेनवाश किया। आतंक के रास्ते पर चलने के लिए उसे गुमराह किया गया।
बाबर ने बताया, तंजीम में ट्रेनिंग के लिए जब भेजा गया तो उसे वीडियो दिखाए गए। बताया गया कि कश्मीर में भारतीय सेना मासूमों पर जुल्म कर रही है, लेकिन जब वह यहां आया तो उसे ऐसा कुछ नहीं दिखा।
बाबर ने कहा है कि भारतीय सेना के अत्याचार की कोई घटना उसके सामने नहीं आई।
ISI ने दिया 50 हजार रुपए का लालच
बाबर ने कबूला है कि पाकिस्तानी सेना और ISI ने उससे कहा कि उसकी मां बीमार है, उसे इलाज की जरूरत है। उसकी पढ़ाई छुड़ाकर दहशतगर्दी के रास्ते पर धकेला गया।
बाबर ने बताया कि ISI ने उसे 50 हजार रुपए का लालच दिया। इतना ही नहीं 20 हजार रुपए का एडवांस भी दिया। बाबर का कहना है कि उसे छह हफ्ते की ट्रेनिंग दी गई और फिर पाकिस्तानी सेना और ISI ने उसे आतंकी लॉन्च पैड पर लाकर छोड़ा।
उसे पाकिस्तान के गढ़ी हबीबुल्लाह में आतंकी ट्रेनिंग मिली थी। बाबर को पट्टन इलाके में हथियार पहुंचाने का जिम्मा मिला था। यह भी हो सकता है कि बाबर का काम सिर्फ हथियार पहुंचाने तक सीमित ना हो और वह किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने के प्लान का हिस्सा हो।
बता दें कि उरी में सेना से जब मुठभेड़ होनी शुरू हुई तो बाबर हथियार छोड़कर रोने लगा। इसने सेना से कहा कि वह उसकी जान बख्श दे क्योंकि वह जिंदा रहना चाहता है।
बाबर को सुरक्षाबलों ने लश्कर ए तैयबा का आतंकी बताया है। उसके पास से AK-47 राइफल और चीन-पाकिस्तान निर्मित कई ग्रेनेड बरामद हुए हैं।
Published on:
29 Sept 2021 02:40 pm
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
