5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Riots Case 1984: जगदीश टाइटलर की बढ़ी मुश्किल, CBI ने दायर की चार्जशीट, 3 सिखों की हुई थी हत्या

Riots Case 1984: सीबीआई ने साल 1984 के सिख विरोधी दंगों में पुल बंगश गुरुद्वारा आग मामले में कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया है। इस घटना में तीन सिखों की जलकर मृत्यु हो गई थी।

2 min read
Google source verification
Jagdish Tytler

Jagdish Tytler

Riots Case 1984: साल 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता जगदीश टाइटलर (Jagdish Tytler) की मुसीबतें बढ़ती नजर आ रही हैं। सीबीआई ने इन इस मालमे में टाइटलर के खिलाफ दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया है। कांग्रेस नेता टाइटलर पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने भीड़ को भड़काया था। साल 1984 के सिख विरोधी दंगों में पुल बंगश गुरुद्वारा में भीड़ ने आक्रोशित होकर आग लगा दी थी। इस घटना में तीन सिखों की जलकर मौत हो गई थी। सीबीआई ने उनके खिलाफ सेक्शन 147,148,149,153(ए), 188 आईपीसी और 109, 302, 295, एवं 436 सहित कई धाराओं में चार्जशीट दाखिल की है।

बीते महीने दिए थे आवाज के नमूने

बता दें कि बीते माह में जगदीश टाइटलर दिल्ली में सीबीआई के सामने पेश हुए थे। दिल्ली में 1984 के सिख विरोधी दंगों से संबंधित पुल बंगश गुरुद्वारा मामले के संबंध में अपनी आवाज के नमूने दिए थे। उनके आवाज के नमूनों की केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) जांच कर रही है।

टाइटलर ने आरोपों को किया खारिज

वहीं, प्रयोगशाला से बाहर निकलते हुए टाइटलर ने खुद पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अगर मेरे खिलाफ एक भी सबूत है तो मैं फांसी पर चढ़ने को तैयार हूं। सीबीआई ने मामले में कांग्रेस नेता को क्लीन चिट दे दी थी। 4 दिसंबर, 2015 को जांच फिर से शुरू की थी।

यह भी पढ़ें- Unclaimed Money: 1 जून से सेविंग और करंट अकाउंट में बदल रहे हैं ये नियम, जानिए आप पर क्या पड़ेगा असर, ये रही पूरी डिटेल

जांच एजेंसी को टाइटलर के खिलाफ रिकार्ड में मिले थे सबूत

इन सिख दंगों के 16 साल बाद साल 2000 में भारत सरकार ने जांच के लिए जस्टिस नानावती कमीशन ऑफ इन्क्वारी का गठन किया था। कमीशन की रिपोर्ट के बाद गृह मंत्रालय ने तत्कालीन संसद सदस्य जगदीश टाइटलर और अन्य के खिलाफ जांच करने के लिए सीबीआई को आदेश दिया। जांच एजेंसी को टाइटलर के खिलाफ सबूत रिकार्ड में मिले थे।