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CBSE New Policy : भारत ने खाड़ी देशों के प्राइवेट छात्रों के लिए नई नीति बनाई, जानिए किसे मिलेगा लाभ

CBSE Students New Policy:केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि सीबीएसई ने ईरान-अमेरिका जंग के कारण प्रभावित खाड़ी देशों के प्राइवेट छात्रों के मूल्यांकन के लिए एक नई पॉलिसी बनाई है, जो रद्द हुई 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं से प्रभावित हुए थे।

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भारत

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MI Zahir

Jun 22, 2026

CBSE New Policy News

खुशी से चहकते सीबीएसई विद्यार्थी।(सांकेतिक फाइल फोटो:ANI)

CBSE Private Students New Policy : सीबीएसई ने उन निजी छात्रों के मूल्यांकन के लिए एक नई नीति बनाई है, जो हाल ही में ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण खाड़ी देशों में कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द होने से प्रभावित हुए थे। केंद्र सरकार और सीबीएसई की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में इस आशय की जानकारी दी। शीर्ष अदालत सऊदी अरब के अल जुबैल के एक निजी उम्मीदवार प्रांशु जिगरकुमार पटेल की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने सीबीएसई की ओर से मूल मूल्यांकन योजना के अनुसार उनकी कक्षा 12वीं की सुधार परीक्षा के परिणाम घोषित न करने को चुनौती दी थी। ध्यान रहे कि जंग के कारण सीबीएसई की ओर से सात पश्चिम एशियाई देशों बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में कक्षा बारहवीं की बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी गई थीं।

निजी छात्रों के मूल्यांकन के लिए एक अलग फार्मूला विकसित किया गया

उन्होंने जस्टिस एसवीएन भट्टी और विपुल एम पंचोली की बेंच को बताया कि खाड़ी देशों में क्षेत्रीय संघर्ष के कारण परीक्षा रद्द होने से प्रभावित छात्रों की चिंताओं को दूर करने के लिए एक नई अखिल भारतीय नीति बनाई गई है। मेहता ने कहा कि 21 जून को अधिसूचित इस नई नीति के तहत बोर्ड परीक्षा में बैठने वाले निजी छात्रों के मूल्यांकन के लिए एक अलग फार्मूला विकसित किया गया है।

जिन विषयों की परीक्षा नहीं हो सकी, उनके लिए भी लाभ

मेहता ने कोर्ट को बताया कि जिन विषयों की परीक्षा नहीं हो सकी, उनमें निजी उम्मीदवारों के प्रदर्शन का मूल्यांकन कक्षा 10 और पिछली बार दी गई कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा।

बोर्ड में सैद्धांतिक अंकों के आधार पर तय किए जाएंगे अंक

उन्होंने कहा कि नई नीति के तहत, जिन विषयों की परीक्षा रद्द की गई है, उनमें अंक कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक अंकों के 40 प्रतिशत और पिछली बार दी गई कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक अंकों के 60 प्रतिशत के आधार पर निर्धारित किए जाएंगे।

मूल मूल्यांकन योजना परिणामों के मूल्यांकन के लिए बनाई गई : मेहता

मेहता ने बताया कि सात खाड़ी देशों में परीक्षाएं रद्द होने से मुख्य रूप से प्रभावित होने वाले छात्रों की दो श्रेणियां थीं, जिनमें नियमित स्कूली छात्र और निजी उम्मीदवार शामिल थे। उन्होंने कहा कि निजी उम्मीदवारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि उनके पास कोई स्कूल नहीं था जो उन्हें आंतरिक मूल्यांकन के रिकॉर्ड जैसे त्रैमासिक, अर्धवार्षिक और प्री-बोर्ड परीक्षा के अंक उपलब्ध करा सके। ये वही आधार थे जिन पर 27 मार्च की मूल मूल्यांकन योजना परिणामों के मूल्यांकन के लिए बनाई गई थी।

याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट को समस्या बताई

याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि जहां सीबीएसई की 27 मार्च की मूल्यांकन योजना नियमित छात्रों पर लागू होती है, वहीं सुधार परीक्षा में बैठने वाले निजी उम्मीदवारों के संबंध में कोई स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया था, जिसके परिणामस्वरूप उनका परिणाम 'परिणाम बाद में'(आरएल) के रूप में रोक दिया गया था।

गणित, अंग्रेजी और कंप्यूटर विज्ञान के पेपर रद्द कर दिए

पटेल ने दावा किया था कि उनके मामले में भौतिकी और रसायन विज्ञान की परीक्षाएं आयोजित की गईं, लेकिन गणित, अंग्रेजी और कंप्यूटर विज्ञान के प्रश्न पत्र रद्द कर दिए गए।भौतिकी और रसायन विज्ञान के जिन दो विषयों में वे उपस्थित हुए थे, उनमें मूल्यांकन वास्तविक अंकों के आधार पर किया गया था, जबकि रद्द किए गए तीन विषयों में मूल्यांकन 21 जून को अधिसूचित नए सूत्र के तहत किया गया था।

डिजिलॉकर में भी अपडेट कर दिया जाएगा: मेहता

मेहता ने पीठ को बताया कि नई नीति के तहत पटेल को मिले अंक उनके पहले के प्रदर्शन से अधिक थे, और परिणाम उन्हें ईमेल के माध्यम से सूचित कर दिया गया था और उनके डिजिलॉकर में भी अपडेट कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नीति में यह भी प्रावधान है कि यदि कोई छात्र मूल्यांकन किए गए अंकों से संतुष्ट नहीं है, तो वह अगली नियमित परीक्षा में उपस्थित हो सकता है।

अब परिणाम घोषित कर दिया गया है

पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील से पूछा कि क्या सीबीएसई की ओर से नई नीति घोषित करने से उनकी शिकायतों का समाधान हो गया है। याचिकाकर्ता की ओर से उपस्थित अधिवक्ता विनीत जिंदल ने स्वीकार किया कि परिणाम घोषित कर दिया गया है, लेकिन अदालत से पटेल के उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां प्राप्त करने और सीबीएसई नियमों के अनुसार पुनर्मूल्यांकन कराने के अधिकार की रक्षा करने का आग्रह किया।

अदालत बिना अनुरोध के राहत नहीं दे सकती

पीठ ने रिट याचिका की ओर इशारा करते हुए कहा कि उसमें ऐसी कोई प्रार्थना नहीं की गई है और स्पष्ट किया कि अदालत बिना अनुरोध के राहत नहीं दे सकती। पीठ ने सॉलिसिटर जनरल की दलील दर्ज की और मामले का निस्तारण करते हुए याचिकाकर्ता को किसी भी शिकायत की स्थिति में कानून के अनुसार कानूनी उपाय अपनाने की स्वतंत्रता दी।

जिन छात्रों की कक्षा 12 की परीक्षाएं रद्द हुईं, उन्हें लाभ मिलेगा

सुनवाई के अनुसार जिन छात्रों की कक्षा 12 की परीक्षाएं ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण रद्द कर दी गई थीं, उन्हें इसका लाभ मिलेगा। सरकार ने कक्षा 10 और अंतिम बार दी गई कक्षा 12 की परीक्षा के अंकों को ध्यान में रखते हुए एक अलग मूल्यांकन फार्मूला बनाया है। इससे प्रांशु जिगरकुमार पटेल जैसे छात्रों की चिंताओं का समाधान होगा, जिनका परिणाम पहले रोक दिया गया था।

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