
विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन (ANI Photo)
Tamil Nadu Assembly: तमिलनाडु विधानसभा में सियासी घमासान तेज हो गया है। विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने TVK पर विधायकों को 'खरीदने' का आरोप लगाया और राज्यपाल के भाषण को मुख्यमंत्री केंद्रित बताया। उन्होंने कहा कि भाषण विकास पर आधारित नहीं था। वहीं मंत्री राजमोहन ने पलटवार करते हुए कहा कि TVK में शामिल होने वाले नेताओं का सम्मान के साथ स्वागत किया गया।
तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष और DMK नेता उदयनिधि स्टालिन ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली, बिजली व्यवस्था, कल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक फैसलों को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले 40 दिनों में जनता के लिए नई योजनाओं और बड़े फैसलों का इंतजार था, लेकिन विपक्ष इससे निराश है।
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान तमिल गान 'तमिल थाई वाझथु' और राष्ट्रगान को लेकर भी बहस हुई। उदयनिधि स्टालिन ने सवाल उठाया कि राष्ट्रगान दो बार क्यों बजाया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'हमारी अपील और आग्रह पर आपने सबसे पहले तमिल गान गवाया, जो सही है। लेकिन हमारा सवाल यह है कि राष्ट्रगान दो बार क्यों गाया जाता है'
इस पर विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने कहा कि राष्ट्रगान बजाने में कोई समस्या नहीं है और सदन की कार्यवाही तय नियमों के अनुसार चल रही है। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता कि राष्ट्रगान गाने में क्या बुराई है। हमने पहले तमिल गान गवाया। अगर तमिल गान बाद में गाया जाता, तो उस पर सवाल उठाया जा सकता था।'
उदयनिधि स्टालिन ने राज्य में बिजली कटौती को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली संकट के कारण आम लोगों, स्कूलों और उद्योगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की व्यवस्था खराब हो रही है और कई जगह बिजली की समस्या सामने आ रही है। इस पर बिजली मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार ने जवाब देते हुए कहा कि बिजली आपूर्ति से जुड़े रोजाना अपडेट जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो दिन के अंदर बिजली व्यवस्था को लेकर एक श्वेत पत्र जारी किया जाएगा।
उदयनिधि स्टालिन ने सरकार की कुछ योजनाओं की तारीफ भी की। उन्होंने कक्षा 8 तक सुबह के नाश्ते की योजना बढ़ाने और महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता योजना को सही तरीके से लागू करने के लिए सरकार को धन्यवाद दिया। हालांकि उन्होंने नान मुधलवन कौशल विकास योजना को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस योजना से हजारों छात्रों को फायदा हुआ है और इसे बंद करने की वजह बताई जानी चाहिए।
पूर्व बिजली मंत्री और DMK विधायक वी सेंथिल बालाजी ने पिछली सरकार के कार्यकाल का बचाव करते हुए कहा कि उनके समय राज्य में बिजली आपूर्ति लगातार बनी रही और बेहतर योजना के कारण व्यवस्था मजबूत रही। वहीं AIADMK नेताओं ने दावा किया कि जयललिता सरकार के दौरान तमिलनाडु बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर था और दूसरे राज्यों को भी बिजली दी गई। विधानसभा में हुई इस बहस के बाद अब सबकी नजर मुख्यमंत्री के जवाब पर है, जिसमें सरकार विपक्ष के आरोपों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करेगी।
Updated on:
22 Jun 2026 05:51 pm
Published on:
22 Jun 2026 05:50 pm
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