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अपने विधायक के निधन की खबर सुनकर खुद को रोक नहीं पाए CM, पहुंच गए 2400 KM दूर, पार्थिव शरीर देखकर…

मणिपुर के थानलोन विधानसभा से भाजपा विधायक वुंगजागिन वाल्टे का 20 फरवरी 2026 को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। वे 4 मई 2023 की जातीय हिंसा में इंफाल में भीड़ द्वारा हमले में गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिसके बाद लंबे इलाज के बावजूद स्वास्थ्य बिगड़ गया।

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भारत

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Mukul Kumar

Feb 21, 2026

दिल्ली में मणिपुर के सीएम युमनाम खेमचंद। (फोटो- IANS)

अपने विधायक के निधन की खबर सुनकर मणिपुर के सीएम युमनाम खेमचंद आनन-फानन में दिल्ली पहुंच गए। मणिपुर से दिल्ली की दूरी लगभग 2400 किलोमीटर है। विधायक के पार्थिव शरीर को देखकर सीएम खुद को रोक नहीं पाए। वह मौके पर भावुक हो गए।

बता दें कि मणिपुर के थानलोन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक वुंगजागिन वाल्टे का शनिवार को निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद दिल्ली रवाना हुए और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की। कई अन्य नेताओं ने भी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

हिंसा के बाद बुरी तरह से घायल हो गए थे विधायक

वाल्टे चुराचांदपुर जिले के थानलोन क्षेत्र से कुकी-जो समुदाय का प्रतिनिधित्व करते थे। वह 3 मई 2023 को मणिपुर में भड़की जातीय हिंसा के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

4 मई 2023 को इंफाल में पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह से मुलाकात के बाद नागामापल क्षेत्र में भीड़ ने उन पर हमला कर दिया था। इस हमले में उन्हें कई गंभीर चोटें आईं और आंशिक लकवा (पैरालिसिस) हो गया था। हमले में उनके चालक की भी मृत्यु हो गई थी।

घायल होने के बाद दिल्ली ले जाया गया

गंभीर रूप से घायल होने के बाद मणिपुर से एयर एंबुलेंस के जरिए दिल्ली ले जाया गया, जहां उन्होंने कई अस्पतालों में लंबा इलाज कराया। बाद के महीनों में वे चुराचांदपुर में भी उपचार करा रहे थे और धीरे-धीरे स्वास्थ्य लाभ की प्रक्रिया में थे।

हाल ही में उनकी तबीयत बिगड़ने पर 8 फरवरी को उन्हें इंफाल से नई दिल्ली एयरलिफ्ट किया गया। यह व्यवस्था मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद के नेतृत्व वाली नई सरकार के मार्गदर्शन में की गई थी, ताकि उन्हें उन्नत चिकित्सा सुविधा मिल सके। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद उनका निधन हो गया।

समाचार मिलने के बाद दिल्ली के रवाना हो गए थे सीएम

मुख्यमंत्री ने आज दोपहर दुखद समाचार मिलने के बाद दिल्ली चले गए, जहां उन्होंने दिवंगत विधायक को अंतिम श्रद्धांजलि दी। वाल्टे ने मणिपुर में जारी जातीय संकट के बीच पहले जो समुदाय के सदस्यों से एकता बनाए रखने की अपील भी की थी। उनके निधन से राज्य की राजनीति और विशेषकर जनजातीय समाज में शोक की लहर है।