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भारतीय सेना के लिए बड़ा खतरा! चीन अक्साई चिन में बना रहा सुरंगें और बंकर

India-China Border Conflict: चीन लद्दाख के डेपसांग मैदान से 60 किलोमीटर दूर अक्साई चिन में सैनिकों और हथियारों के लिए अंडरग्राउंड बंकरों का निर्माण कर रहा है। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है।

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India-China Border Conflict

India-China Border Conflict

India-China Border Conflict: भारत को पड़ोसी देश चीन अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रही है। अगले महीेने 2 सितंबर में होने वाले G20 सम्मेलन से पहले चीन भारत उकसाने का कोई मौका नहीं छोड़ रहा है। बीते दिनों चीन ने एक विवादित नक्शा जारी किया था, जिसमें भारत के हिस्से में अपना बताने का दावा कर रहा था। अब एक रिपोर्ट आई है जिससे भारतीय सेना की चिंता बढ़ा दी है। ड्रैगन लद्दाख के डेपसांग मैदान से 60 किलोमीटर दूर अक्साई चिन में सैनिकों और हथियारों के लिए अंडरग्राउंड बंकरों बना रहा है। सैटेलाइट तस्वीरें जारी की गई है, जिसमें चीन सीमा पर सुरंगें और बंकर बनाने का काम तेजी कर रहा है।


अक्साई चिन में बनाए बंकर और सुरंगें

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय भू-खुफिया विशेषज्ञों ने सैटेलाइट एजेंसी मैक्सर द्वारा ली गई तस्वीरों का विश्लेषण किया है। विशेषज्ञों ने घाटी के दोनों किनारों पर चट्टानों में खोदे जा रहे कम से कम 11 पोर्टल (सुरंग के सिर) की पहचान की है। एक रिपोर्ट के अनुसार चीन ने सैनिकों और हथियारों के लिए बंकरों का निर्माण का काम कर रहा है। नदी घाटी के किनारे एक पहाड़ी में सुरंगें बना रहा है। यह जगह वास्तविक नियंत्रण रेखा के पूर्व में अक्साई चीन में स्थित है। इस जगह पर चीन का कब्जा है और ऐतिहासिक रूप से भारत इस पर दावा करता रहा है।

राफेल और भारतीय तोपों से डरा चीन

हालांकि यह सब तैयारियां चीन के डर को दिखाती हैं। यह डर है भारतीय आर्टिलरी और हवाई हमलों का। हमलों से यह सैनिकों की रक्षा का संभावित प्रयास है। सैटेलाइट तस्वीरों के विशेषज्ञ डेमियन साइमन ने कहा कि LAC के करीब जमीन के नीचे बंकर बनाना और बुनियादी ढांचे का विकास करके चीन भारतीय वायुसेना को मिले लाभ को संतुलित करने की कोशिश कर रहा है।

जयशंकर ने खारिज किया चीन को विवादित नक्शा

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीन द्वारा जारी किए गए विवादित नक्शों को खारिज कर दिया। जयशंकर ने कहा कि चीन की पुरानी आदत है कि वह अपने नक्शों में उन क्षेत्रों को जोड़ता है, जो उसके नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मानचित्र में भारत के हिस्सों को अपने में मिलाने से जमीन पर चीजें नहीं बदल जाएंगी।


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