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चुनावी राज्यों में भाजपा ने कितनी महिलाओं को दिया टिकट? बढ़त में कांग्रेस, यहां देखें पूरा आंकड़ा

भाजपा असम में महज 6.7% महिलाओं को टिकट देकर उजागर कर रही है कि नारी शक्ति उसके लिए सिर्फ भाषणों का मुद्दा है, हकीकत में सबसे पीछे। जबकि कांग्रेस, तृणमूल और वामपंथी पार्टियां कई राज्यों में महिलाओं को ज्यादा टिकट देकर आगे रही हैं।

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भारत

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Ankit Sai

Apr 20, 2026

विधानसभा चुनावों में महिला भागीदारी

विधानसभा चुनावों में महिलाओं की भागीदारी फाइल फोटो-पत्रिका

Women's Participation in Assembly Elections: विधानसभा चुनावों में महिला भागीदारी बढ़ाने को लेकर पिछले कुछ सालों से चर्चा हो रही है। महिला आरक्षण बिल लाने वाली भाजपा असम-केरल में महिलाओं को सबसे कम टिकट दे रही है, जबकि कांग्रेस कई जगह आगे है। संसद में आरक्षण कानून पास होने के बाद उम्मीद थी कि दल ज्यादा महिलाओं को टिकट देंगे, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि बदलाव बहुत सीमित है। असम, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुदुचेरी में महिला उम्मीदवारों में सिर्फ मामूली बढ़ोतरी हुई है, कुछ जगहों पर गिरावट भी आई है। ज्यादातर पार्टियां 20% से ज्यादा टिकट देने में नाकाम रहीं, जिससे लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी पर सवाल उठ रहे हैं।

जानिए किस पार्टी ने महिलाओं को कितनी सीटें दीं

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस पार्टी ने इस बार महिला उम्मीदवारों की संख्या 7 से बढ़ाकर 35 कर दी है। साल 2021 में कांग्रेस सिर्फ 92 सीटों पर लड़ी थी लेकिन इस बार सभी 294 सीटों पर उतर रही है। इससे महिला उम्मीदवारों का प्रतिशत 7.6 से बढ़कर 11.9% हो गया। TMC ने संख्या लगभग बरकरार रखी। साल 2021 में 290 सीटों में से 48 महिलाएं थीं जो इस बार 291 में से 52 हो गईं। 16.55% से बढ़कर 17.86% पहुंचा। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने 38 से घटाकर 33 महिला उम्मीदवार उतारे।

दक्षिण राज्यों में महिलाओं की भागीदारी सीमित

तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) और विपक्षी अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (AIADMK) दोनों ने 19-19 महिला उम्मीदवार उतारे। DMK ने पिछले चुनाव से 6 ज्यादा महिलाओं को टिकट दिया जबकि AIADMK ने लगभग बरकरार रखा। दोनों पार्टियों में महिला उम्मीदवारों का शेयर 11% है। केरल में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने पिछले चुनाव से कम महिलाएं उतारीं। वामपंथी पार्टियां CPI-M और CPI ने मामूली बढ़ोतरी की। CPI-M का महिला शेयर 14.7% से बढ़कर 15.6% हो गया लेकिन कांग्रेस का 10.8% से घटकर 9.9% रह गया।

असम में कांग्रेस आगे, भाजपा सबसे पीछे

असम में कांग्रेस ने 9 से बढ़ाकर 13 महिलाओं को टिकट दिया। इससे महिला उम्मीदवारों का शेयर 13.3% पहुंच गया। भारतीय जनता पार्टी ने 7 से घटाकर 6 महिलाएं उतारीं और शेयर 6.7% रहा। पुदुचेरी में भी अधिकांश पार्टियों ने सिर्फ छोटे बदलाव किए। कुल मिलाकर पांच मामलों में पार्टियों ने महिला उम्मीदवारों की संख्या घटाई।

आरक्षण कानून, जमीनी असर कमजोर

2023 में महिला आरक्षण कानून पास होने के बाद हुए विधानसभा चुनावों का विश्लेषण बताता है कि इसका असर बहुत कम पड़ा। सिर्फ छह मौकों पर पार्टियों ने 20% से ज्यादा महिलाओं को टिकट दिए। सबसे ज्यादा कांग्रेस ने सिक्किम 2024 में 33.3%, अखिल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (AJSU) ने झारखंड में 30% और ओडिशा में बीजू जनता दल (BJD) ने 23.8% महिलाएं उतारीं। कुल 38 मामलों में महिला शेयर बढ़ा जबकि 24 मामलों में घटा। लोकसभा में नया बिल हराने के बाद भी पार्टियां महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने में गंभीर नहीं दिख रही हैं।