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CJP March: प्रदर्शन में शामिल हुई सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

CJP March: जंतर मंतर से संसद तक जा रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने बल का प्रयोग किया है। इस प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए सिने जगत के लोग भी पहुंचे हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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Sonam Wangchuk news

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो

Cockroach Janata Party: कॉकरोच जनता पार्टी का संसद मार्च शुरू हो गया है। एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो (Sonam Wangchuk's wife, Gitanjali Angmo) भी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंच गई है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को संसद तक मार्च करने की इजाजत नहीं दी है। संसद की तरफ लोगों का हुजूम बढ़ने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया है।

दूसरी तरफ, सीजेपी के मार्च में हिस्सा के लिए राजनीतिक हस्तियां व कलाकार भी पहुंच चुके हैं। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा संसद की जगह जंतर मंतर पहुंची। यहां, आजाद समाज पार्टी प्रमुख व यूपी के नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद भी मौजूद हैं। सीजेपी की रैली में भाग लेने के लिए कलाकार शबाना आजमी और प्रकाश राज भी पहुंच चुके हैं।

संसद नहीं जाने दिया जा रहा तो सुप्रीम कोर्ट जाओ: संजय राउत

शिवसेना (उबाटा) सांसद संजय राउत ने कहा कि अगर प्रदर्शनकारियों को संसद तक मार्च निकालने की इजाजत नहीं दी जाती है तो मार्च को प्रवर्तन निदेशालय या फिर सुप्रीम कोर्ट की ओर ले जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों ने देश को काफी नुकसान पहुंचाया है।

सरकार अपना और हम अपना धर्म निभा रहे हैं: चंद्रशेखर आजाद

आज़ाद समाज पार्टी कांशी राम के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि मोदी सरकार अपना 'धर्म' निभा रही है, पुलिस अपना 'धर्म' निभा रही है और मैं इस मिट्टी के प्रति अपना फर्ज निभाने के लिए इस संघर्ष का हिस्सा बना हूं। एक भारतीय युवा होने के नाते, मैं युवाओं का दर्द समझता हूं। मैं उनकी आवाज बनने और उनके साथ खड़े होने के लिए यहां आया हूं। उनके साथ अन्याय हो रहा है। सरकार ऐसा होने दे रही है।

गेंद अब सरकार के पाले में है: सौरभ दास

कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि प्रशासन सरकार के साथ बातचीत शुरू करने की कोशिश कर रहा है। वे बहुत देर से आए हैं, लेकिन हमने खुले दिल से कहा है कि हम उनसे बात करने को तैयार हैं। अभी तक उनकी तरफ से कोई साफ़ बात नहीं कही गई है। अब फैसला उन्हें करना है।

उन्होंने आगे कहा कि सोनम वांगचुक, अभी उनकी हालत स्थिर है और वे अपनी भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं। उन्होंने देश के उन युवा प्रदर्शनकारियों को अपनी शुभकामनाएं भेजी हैं जो आख़िरकार इस बहुत मुश्किल और बेजान सिस्टम के ख़िलाफ़ जाग गए हैं, जो उनकी बात बिल्कुल नहीं सुनता। जल्द ही एक शांतिपूर्ण मार्च निकाला जाएगा। शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी पिछले 30 दिनों से यहां जमा हैं और हमने दिखाया है कि शांतिपूर्ण तरीक़े से विरोध कैसे किया जाता है और अपनी बात कैसे रखी जाती है।