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सीएम हेमंत सोरेन की कम नहीं हो रही मुश्किलें, ED के सामने पेश होने से पहले परिवार में बगावत

Jharkhand Politics: झारखंड के दुमका जिले के जामा से विधायक और हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन ने सीएम पद को लेकर दावा ठोक दिया है।

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 CM hemant soren problems are not decreasing rebellion in family before appearing ED

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार को उनके दिल्ली स्थित आवास पर हुई ED की छापेमारी में कैश, लग्जरी गाड़ी और कागजात बरामद किया था। वहीं, सीएम सोरेन ने कल (मंगलवार) को रांची में अपने सरकारी आवास पर विधायकों की बैठक की। सूत्रों के मुताबिक, झामुमो विषम परिस्थिति में सूबे में मुख्यमंत्री बदलने पर विचार कर रही है। हेमंत अपनी पत्नी कल्पना को सरकार की कमान सौंपना चाहते है लेकिन उनकी भाभी और पार्टी की विधायक सीता सोरेन ने कल्पना के नाम पर वीटो कर दिया है। ऐसे में ये साफ है कि अगर हेमंत अपनी पत्नी को सीएम बनाते है तो परिवार में बगावत हो जाएगी ।

कल्पना सीएम के रूप में स्वीकार नहीं- सीता

झारखंड के दुमका जिले के जामा से विधायक और हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन ने सीएम पद को लेकर दावा ठोक दिया है। सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को सीएम के साथ हुई बैठक में उन्होंने कहा कि अगर किसी भी हालत में हेमंत सोरेन कुर्सी से हटते हैं तो मुख्यमंत्री की कुर्सी पर पहला दावा मेरा होगा। कल्पना सीएम के रूप में स्वीकार नहीं।

सोरेन के साथ बैठक में मौजूद रही कल्पना

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जब मंगलवार को रांची में पहले झामुमो के विधायकों फिर गठबंधन के विधायकों के साथ बैठक कर रहे थे। इस दौरान उनकी पत्नी कल्पना सोरेन पूरे समय उनके साथ मौजूद रहीं। माना जा रहा है कि अगर सीएम की गिरफ्तारी की नौबत आती है तो ऐसे में सोरेन सत्ता अपनी पत्नी को सौंपना चाहते हैं। वहीं, सोरेन आज दोपहर 1 बजे फिर से प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के सवालों का जवाब देंगे। इससे पहले 20 जनवरी को ईडी के अधिकारी सीएम से लगभग सात घंटे पूछताछ कर चुके हैं।

विधायकों को रांची में रहने का आदेश

अभी तक प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सत्तारूढ़ दलों के ज्यादातर विधायक रांची में जमे हैं। उन्होंने एकजुटता भी प्रदर्शित की है और निर्णय लेने के लिए हेमंत सोरेन को अधिकृत किया है। विधायकों से हस्ताक्षर लिए गए हैं ताकि विपरीत परिस्थितियों में अन्य विकल्पों पर निर्णय लिया जा सके। आज विधायकों को एक बार फिर सीएम आवास बुलाया गया है।

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