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‘अब समय आ गया है, ईरान-इजरायल युद्ध रुकवाएं’, दिग्गज नेता की PM मोदी से अपील

ईरान और US-इजरायल के बीच जारी संघर्ष को 2 हफ्ते से अधिक समय बीत चुका है। इस युद्ध की वजह से दुनिया के कई देशों में ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। भारत के एक वरिष्ठ नेता ने इस गंभीर परिस्थिति का समाधान निकालने के लिए PM मोदी से अपील की है।

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कांग्रेस सांसद शशि थरूर (फोटो आईएएनएस)

Iran and US-Israel War: ईरान और US-इजरायल के बीच जारी युद्ध की वजह से दुनिया के कई देशों में होर्मुज स्ट्रेट से होने वाली ईंधन की सप्लाई बाधित हुई है। ईंधन की सप्लाई बाधित होने से कई देश ईंधन संकट का दंश झेल रहे हैं। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और फिनलैंड औपचारिक रूप से भारत से मांग कर चुके हैं कि अगर भारत नेतृत्व करे तो इस युद्ध को रोका जा सकता है। अब वरिष्ठ कांग्रेस नेता और केरल के तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने पीएम मोदी से यही अपील की है। शशि थरूर ने कहा है कि अब ईरान और अमेरिका-इजरायल में जंग बंद कराने में दखल देने का समय आ गया है। इस जंग को बंद कराने के लिए मोदी सरकार को दखल देना चाहिए।


ईरान-इजराययल संघर्ष का पूरे विश्व पर असर

केरल के तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने कहा कि अब समय आ गया है, जब भारत को ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष में हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने ANI से कहा कि यह युद्ध न सिर्फ भारत, बल्कि पूरे विश्व को प्रभावित कर रहा है। इसे रोकना अत्यंत आवश्यक हो गया है। थरूर ने पीएम नरेंद्र मोदी से अपील की कि वे इस मुद्दे पर पहल करें, क्योंकि दोनों पक्षों के बीच स्थिति अब ऐसी हो चुकी है, जहां कोई भी पक्ष लाभ में नहीं रहेगा।

PM मोदी का एक कॉल रुकवा सकता है युद्ध

शशि थरूर ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य(होर्मुज स्ट्रेट) तेल और गैस आपूर्ति का मुख्य मार्ग है। अब संघर्ष की वजह से इस रास्ते पर गंभीर संकट है। उन्होंने कहा- युद्ध को समाप्त करने के लिए भारत की कूटनीति की सराहना की जा रही है और UAE एवं फिनलैंड जैसे देश भारत से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। UAE ने तो यह भी कहा कि PM मोदी का एक फोन कॉल युद्ध को रोकने में मददगार हो सकता है। थरूर ने कहा कि इस मुद्दे पर भारत की सक्रिय भूमिका महत्वपूर्ण है और मुझे उम्मीद है कि मोदी सरकार आगे बढ़कर समाधान का रास्ता निकालेगी।

ईरान-इजराइल संघर्ष से वैश्विक बाजारों पर असर

ईरान-इजराइल संघर्ष की वजह से होर्मुज स्ट्रेट से होने वाली ईंधन की सप्लाई बाधित हुई है। इसका असर वैश्विक बाजारों पर दिख रहा है। होर्मुज स्ट्रेट से वैश्विक स्तर पर तेल और गैस आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। सप्लाई बाधित होने से एशियाई देशों में तेल-गैस का संकट पैदा हो गया है। जंग शुरू होने के बाद से कच्चे तेल की कीमत 104 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है।

भारत की ईरान से बातचीत जारी

ईरान-इजरायल युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में बाधित हुई गैस-तेल की सप्लाई को लेकर भारत की बातचीत जारी है। हाल ही में ब्रसेल्स में दिए इंटरव्यू में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा- मैं इस समय ईरान से बातचीत कर रहा हूं और मेरी बातचीत से कुछ परिणाम निकले हैं। यह प्रक्रिया जारी है। अगर इससे मुझे परिणाम मिल रहा है तो मैं स्वाभाविक रूप से आगे भी ऐसा करना जारी रखूंगा। ईरान द्वारा फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक संकरे समुद्री परिवहन मार्ग होर्मुज स्ट्रेट को लगभग अवरुद्ध कर दिया गया है। इसके बाद वैश्विक तेल और गैस की कीमतों में उछाल आया है। वैश्विक तेल और LNG (द्रवीकृत प्राकृतिक गैस) का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इस मार्ग से होकर गुजरता है।