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न CRPF, न NSG… फिर जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत की रखवाली कर रहे ये खास कमांडो कौन हैं? जानें इनकी ताकत और मिशन

CORAS Commandos: जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन की सुरक्षा में तैनात CORAS कमांडो कौन हैं? जानिए उनकी ट्रेनिंग, भूमिका और इस खास रेलवे सुरक्षा यूनिट की पूरी जानकारी।

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भारत

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Rahul Yadav

Apr 30, 2026

Coras Commandos RPF

Coras Commandos RPF (Image: X)

Coras Commandos RPF: जम्मू से श्रीनगर के बीच शुरू हुई वंदे भारत एक्सप्रेस ने जहां कनेक्टिविटी और विकास के नए रास्ते खोले हैं, वहीं इसकी सुरक्षा व्यवस्था भी चर्चा का केंद्र बन गई है। हाल ही में सामने आए वीडियो और तस्वीरों में काले कपड़ों, हेलमेट और आधुनिक हथियारों से लैस कमांडो ट्रेन के आसपास तैनात नजर आए। इनकी मौजूदगी ने लोगो के बीच जिज्ञासा बढ़ा दी है ये जवान न CRPF के थे और न ही NSG के तो फिर कौन हैं? दरअसल, ये कमांडो रेलवे की एक विशेष इकाई CORAS से जुड़े हैं, जिन्हें खासतौर पर संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए तैनात किया जाता है।

क्या है CORAS और क्यों बनाई गई यह यूनिट?

CORAS यानी कमांडो फॉर रेलवे सिक्योरिटी रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स की एक विशेष कमांडो यूनिट है, जिसकी स्थापना वर्ष 2019 में की गई थी। इसका उद्देश्य रेलवे नेटवर्क को उन इलाकों में सुरक्षित रखना है जहां सुरक्षा चुनौतियां अधिक हैं। जम्मू-कश्मीर, नक्सल प्रभावित क्षेत्र और उत्तर-पूर्व के राज्य ऐसे ही इलाके हैं जहां इस तरह की विशेष सुरक्षा की जरूरत पड़ती है।

रेलवे जैसे बड़े और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा अब केवल सामान्य बलों से संभव नहीं मानी जाती, इसलिए CORAS जैसी यूनिट को विकसित किया गया जो विशेष परिस्थितियों में तेजी से प्रतिक्रिया दे सके।

कैसी होती है CORAS कमांडो की ट्रेनिंग?

CORAS के जवानों को बेहद कठिन और आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाता है। इन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के प्रशिक्षण केंद्र में ट्रेनिंग दी जाती है जहां इन्हें आतंकवाद-रोधी ऑपरेशन, बंधक बचाव, स्नाइपिंग और विस्फोटक निष्क्रिय करने जैसी तकनीकों में माहिर बनाया जाता है।

इसके अलावा, इनकी ट्रेनिंग ग्रेहाउंड्स जैसी विशेष पुलिस इकाइयों के साथ भी होती है, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ऑपरेशन के लिए जानी जाती हैं। इस तरह CORAS कमांडो हर तरह की चुनौती से निपटने के लिए तैयार रहते हैं।

जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत में क्यों जरूरी पड़ी तैनाती?

जम्मू-कश्मीर का यह रेल मार्ग केवल भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण नहीं है बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी संवेदनशील माना जाता है। लंबे समय तक इस क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास बाधित रहा है इसलिए इस तरह की हाई-स्पीड ट्रेन सेवा शुरू होना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।

ऐसे में इस रूट पर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। वंदे भारत एक्सप्रेस की सुरक्षा के लिए बहु-स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है जिसमें CORAS कमांडो अहम भूमिका निभा रहे हैं। उनकी तैनाती से यात्रियों और रेलवे संपत्ति दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

कैसे काम करती है यह यूनिट?

CORAS एक संगठित और अनुशासित बल है, जिसमें अलग-अलग स्तर के अधिकारी और जवान शामिल होते हैं। यह यूनिट रेलवे के संवेदनशील इलाकों में तैनात रहती है और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करने में सक्षम है।

इनकी जिम्मेदारी केवल ट्रेन की सुरक्षा तक सीमित नहीं होती, बल्कि रेलवे ट्रैक, पुल, स्टेशन और निर्माण परियोजनाओं की निगरानी भी इनके दायरे में आती है। जम्मू-कश्मीर जैसे क्षेत्रों में यह जिम्मेदारी और भी अहम हो जाती है।

CORAS की तैनाती से क्या बदलेगा?

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि CORAS कमांडो की तैनाती से न केवल रेलवे सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि यात्रियों का भरोसा भी बढ़ेगा। इससे यह संदेश जाता है कि सरकार इस रूट को लेकर गंभीर है और किसी भी तरह की सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए तैयार है।

जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस केवल एक ट्रेन सेवा नहीं बल्कि क्षेत्र के विकास, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों के लिए एक बड़ा कदम है। ऐसे में इसकी सुरक्षा को मजबूत बनाना जरूरी था, जिसमें CORAS की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।