
Siddaramaiah
Cow Politics: कर्नाटक की कांग्रेस सरकार (Congress Government) ने पिछली BJP सरकार द्वारा 50 करोड़ रुपये की लागत से 100 गौशालाएं बनाने के प्रस्ताव को संशोधित करने का निर्णय लिया है, क्योंकि बैठक में बताया कि कई नई गौशालाओं में मवेशियों की कमी है। बता दें कि सीएम सिद्धारमैया की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक हुई थी। इस बैठक में प्रदेश में 100 नई गौशालाएं बनाने के बजाए मौजूदा गौशालाओं की स्थिति सुधारने के लिए 10.50 करोड़ रुपये का उपयोग का निर्णय लिया गया।
बीजेपी ने प्रदेश सरकार के इस फैसले की आलोचना की है और कहा कि इस निर्णय से गाय की पूजा करने वाले करोड़ों लोगों की भावानाएं आहत हुई हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने प्रदेश सरकार के इस फैसले पर कहा कि यह दावा कि नई गौशालाओं में गायें नहीं हैं, महज एक बहाना है। अगर इरादा नेक होता तो गौशालाएं पहले से ही सक्रिय रूप से काम कर रही होतीं। हम कांग्रेस सरकार से गौशालाओं को बचाने और विकसित करने की प्रतिबद्धता की उम्मीद कैसे कर सकते हैं, जो हमेशा गोमांस खाने वालों के बारे में चिंता करती है? उन्होंने कहा कि सरकार का यह फैसला बेहद निंदनीय है। इस फैसले से सरकार ने गाय की पूजा करने वाले करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
वहीं मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कानून मंत्री एचके पाटिल ने कहा था कि 2022-23 के बजट में नई गौशालाएं बनाने का ऐलान किया गया था। इस प्रस्ताव को रद्द नहीं किया गया है, लेकिन मौजूदा गौशालाओं की स्थिति को सुधारने के लिए राशि का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 10.50 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित 16 गौशालाओं का निर्माण पूरा हो चुका है और 35 अन्य का काम शुरू हो चुका है। लेकिन इनमें से कई नई गौशालाओं में मवेशी नहीं हैं, इसलिए नई गौशालाएं बनाने के बजाए मौजूदा गौशालाओं में सुधार किया जाएगा।
देश में लोकसभा चुनाव हो या किसी राज्य में विधानसभा चुनाव, चुनाव के समय गाय को लेकर राजनीति जरूर होती है। बहुसंख्यक वोटों को साधने के लिए पार्टियों के द्वारा गाय पर राजनीति की जाती है। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले महायुति सरकार ने गाय को राज्यमाता का दर्जा दिया था। विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश सरकार का यह बड़ा फैसला था। भले ही सरकार गाय और गौशालाओं को लेकर बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन साल 2022 में लंपी बीमारी से लाखों जानवरों की मौत हुई थी, इस बीमारी से सबसे ज्यादा प्रभावित गाय हुई थी। लंपी बीमारी ने सरकार के गायों और गौशालाओं को लेकर किए गए बड़े-बड़े वादों की पोल खोल दी थी। इसके अलावा चुनावों के समय राजनीतिक दल गायों को लेकर योजनाओं का भी ऐलान करते है। वहीं गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की भी समय-समय पर मांग उठती रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल एक्स पर एक वीडियो शेयर किया था।। इस वीडियो में उन्होंने दीपज्योति नाम के बछड़े से परिचय कराया।
Published on:
04 Jan 2025 11:56 am
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