पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सर्कल इंस्पेक्टर ने युवती के परिवार से रिश्वत ली थी और मामले को दबाने की कोशिश की। आरोप है कि उसने जानबूझकर युवती को उसके परिवार के हवाले किया, जबकि उसे खतरे का अंदेशा था। इसके अलावा, हत्या के बाद सबूत मिटाने और मामले को आत्महत्या दिखाने में भी उसकी भूमिका की जांच हो रही है। फिलहाल अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है और उसके खिलाफ आपराधिक साजिश, रिश्वतखोरी और सबूत नष्ट करने जैसे गंभीर आरोपों की जांच जारी है।