पुलिस के अनुसार, मैच खत्म होने के बाद आरोपी कांता किशोर ने अंपायरों को बात करने के बहाने पास के एक स्थान पर बुलाया। वहां पहुंचते ही फिर से बहस शुरू हो गई। इसी दौरान आरोपी ने अचानक चाकू निकालकर हमला कर दिया। अजित बाबू के सीने में गंभीर चोट लगी, जिससे वे मौके पर ही गिर गया। उनके साथी चिरंजीवी भी घायल हुए, जबकि बीच-बचाव करने आए एक अन्य व्यक्ति को भी चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपी उस समय शराब के नशे में था और उसने पहले से हमले की योजना बनाई थी।