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मां के दूध में मिला खतरनाक जहर, स्टडी में हुआ चौकाने वाला खुलासा; जान लें पूरी खबर

बिहार के कटिहार जिले में महिलाओं के दूध में यूरेनियम की सबसे अधिक मात्रा पाई गई।

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भारत

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Ashib Khan

Nov 23, 2025

मां के दूध में यूरेनियम: बच्चों के लिए खतरा

मां के दूध में यूरेनियम: बच्चों के लिए खतरा

मां का दूध बच्चे के लिए अच्छा होता है, जो बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और उसके मस्तिष्क के विकास में भी मदद करता है। लेकिन नेचर जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। स्टडी के मुताबिक बिहार में 40 महिलाओं के दूध के सैंपल में यूरेनियम का उच्च स्तर पाया गया है। यह स्टडी पटना के महावीर कैंसर संस्थान की ओर से डॉ. अरुण कुमार की अगुवाई में की गई। 

एनडीएमए के सदस्य डॉ. दिनेश के. असवाल ने एक मीडिया चैनल से बात करते हुए बताया कि स्टडी के निष्कर्ष चिंता का विषय नहीं हैं। पाए गए स्तर सुरक्षित सीमा के भीतर हैं। स्टडी में बिहार की महिलाओं के दूध के सैंपल में 5 पीपीबी तक यूरेनियम पाया गया। 

दूध के सैंपल में मिला यूरेनियम

स्टडी के सह-लेखक डॉ. अशोक शर्मा ने बताया कि अध्ययन में 40 स्तनपान कराने वाली माताओं के स्तन दूध का विश्लेषण किया गया और सभी नमूनों में यूरेनियम (U-238) पाया गया। हालांकि 70% शिशुओं में कैंसरजन्य स्वास्थ्य जोखिम की संभावना नहीं थी, फिर भी कुल यूरेनियम का स्तर स्वीकार्य सीमा से कम था और माताओं और शिशुओं, दोनों पर इसका वास्तविक स्वास्थ्य प्रभाव न्यूनतम होने की उम्मीद है।

डॉ. अशोक शर्मा ने कहा कि बिहार में की गई स्टडी से यह निष्कर्ष निकलता है कि शिशु के स्वास्थ्य पर वास्तविक प्रभाव संभवतः कम है, और महिलाओं को शिशुओं को स्तनपान कराना जारी रखना चाहिए।

कटिहार में पाया गया खतरनाक स्तर

बिहार के कटिहार जिले में महिलाओं के दूध में यूरेनियम की सबसे अधिक मात्रा पाई गई। अध्ययन से पता चला कि कटिहार जिले में महिलाओं के दूध के नमूनों में यूरेनियम (U238) का "खतरनाक स्तर" पाया गया।

40 महिलाओं को चुना गया

अपनी मां के स्तन के दूध के माध्यम से शिशुओं में यूरेनियम के संपर्क का मूल्यांकन करने के लिए, बिहार के विभिन्न जिलों से 40 स्तनपान कराने वाली महिलाओं को चुना गया था। लिखित सहमति प्राप्त करने के बाद, उनके स्तन के दूध का सैंपल एकत्र किया गया और U238 की मात्रा का विश्लेषण किया गया।

स्टडी में कहा गया है, " माताओं के स्तन के दूध के माध्यम से शिशुओं को यूरेनियम का संपर्क खतरनाक स्तर पर है। सभी विश्लेषित स्तन दूध के नमूनों में U238 तत्व थे, जो शिशुओं के स्वास्थ्य पर प्रभाव डाल सकते हैं। शिशुओं के शरीर से यूरेनियम के वास्तविक समय में निकलने के कारण, वे अपनी माताओं की तुलना में संभावित गैर-कैंसरजन्य जोखिम के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं।"