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Nipah Virus: बिना धोए फल खाना हो सकता है खतरनाक, AIIMS एक्सपर्ट की चेतावनी

Nipah Virus के बीच AIIMS एक्सपर्ट ने दी चेतावनी, बिना धोए फल खाने हो सकता है जानलेवा

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Dheeraj Sharma

Sep 07, 2021

Nipah virus

नई दिल्ली। कोरोना वायरस से जंग के बीच इन दिनों निपाह वायरस ( Nipah Virus ) ने देश में हलचल बढ़ा दी है। केरल के कोझिकोड में रविवार को एक 12 साल के लड़के की निपाह वायरस संक्रमण से मौत हो गई। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर है और लोगों से सावधानियां बरतने को कहा जा रहा है।

इस बीच देश के सबसे बड़े अस्पताल दिल्ली स्थित ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस ( AIIMS ) के विशेषज्ञ ने लोगों को सलाह दी है कि बिना धोए फल ( Fruit ) खाने की आदत जानलेवा साबित हो सकती है।

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फ्रूट बैट्स है बड़ी वजह
दिल्ली स्थिति एम्स के विशेषज्ञ प्रो. डॉ. आशुतोष बिस्वास की मानें तो निपाह वायरस फैलने की सबसे बड़ी वजह Fruit Bats ( फलों पर बैठने वाले जीव ) हैं। खास बात यह है कि ये संक्रमण मनुष्यों में आने के बाद इसके फैलने की गति और ज्यादा बढ़ जाती है।

ऐसे फैलता है वायरस
प्रो. बिस्वास के मुताबिक फ्रूट बैट अपनी लार फल पर ही छोड़ देते हैं। फिर ये फल खाने वाले जानवर या इंसान निपाह वायरस से संक्रमित हो जाते हैं।

डॉ. आशुतोष ने बताया कि फिलहाल इस बीमारी का विशेष इलाज नहीं है। इसलिए, हमें यह समझना होगा कि यह एक बहुत ही गंभीर बीमारी है।

स्लिपओवर बढ़ा सकता है खतरा
डॉ आशुतोष बिस्वास के मुताबिक, देश में अब तक देखने में आया है कि फ्रूट बैट निपाह वायरस ( Nipah Virus ) को हमारे घरेलू जानवरों जैसे सूअर, बकरी, बिल्ली, घोड़े और अन्य में भी प्रसारित कर सकते हैं।
यही वजह है कि वायरस का जानवरों से मनुष्यों में जाना काफी खतरनाक है। इसे स्पिलओवर ( Slipover ) कहा जाता है।

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धोए बिना फल खाना जानलेवा
एम्स एक्स्पर्ट के मुताबिक गिरे हुए या बिना धोए फल जानलेवा साबित हो सकते हैं। गिरे हुए फलों को धोए बिना खाना बहुत खतरनाक है। अगर हम फल धोकर नहीं खाते तो इससे वायरस का जानवरों से इंसानों में पहुंचना शुरू हो जाता है। एक बार जब यह वायरस मानव शरीर में आ जाए तो इसके फैलने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

संक्रमित 90 फीसदी लोगों की हुई मौत
डॉ. बिस्वास के मुताबिक भारत में केरल और पश्चिम बंगाल निपाह वायरस की 1-1 लहर का सामना कर चुके हैं। पिछली लहर में संक्रमित हुए 90 फीसदी लोग मारे गए। हालांकि वर्ष 2019 में सिर्फ 1 केस आया। लेकिन 2021 में आए एक केस की मौत हो चुकी है। ऐसे में सावधान रहना ही इस वायरस से बचाव का सबसे कारगर तरीका है।