
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण ( Delhi Air Pollution ) को लेकर भले ही केंद्र से लेकर राज्य स्तर तक कई कदम उठाए जा रहे हों, लेकिन अब जहरीली हवा ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। राजधानी के कई इलाके ऐसे हैं जहां हवा दमघोंटू बनी हुई है। यही नहीं सफर के मुताबिक आने वाले 24 घंटे में प्रदूषण ( Air Pollution ) का स्तर और बढ़ने के आसार बने हुए हैं। यानी राजधानीवासियों को फिलहाल प्रदूषण से राहत मिलती नहीं दिख रही है।
हवा की रफ्तार सुस्त होने से शनिवार को हवा में प्रदूषण का स्तर और बढ़ गया है। इससे पहले शुक्रवार को भी दिल्ली की हवा बेहद खराब श्रेणी में रिकॉर्ड की गई। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) की फटकार के बाद केंद्र सरकार टास्क फोर्स का गठन किया है, वहीं केजरीवाल सरकार ने भी कड़े कदम उठाए हैं। लेकिन अब तक बड़ी राहत नजर नहीं आ रही।
दिल्लीवासी लगातार प्रदूषण भरी हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। शनिवार सुबह के समय कोहरा, बादल छाने और सुस्त हवा की चाल के बीच प्रदूषण ने अपने पैर पसार लिए। सुबह ही दिल्ली के कई इलाकों में दमघोंटू हवा ने लोगों की मुश्किल बढ़ा दी।
एक दिन पहले दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 429 के अंक पर था। जो गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। हालांकि, शाम के समय दिल्ली के ज्यादातर हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हुई।
इसके बाद प्रदूषक कण कुछ हद तक बैठ गए। दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 346 अंक पर रहा। इसे भी बेहद खराब हवा की श्रेणी में रखा जाता है।
वहीं शनिवार को राजधानी के ज्यादातर इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 अंकों के पार बना हुआ है। जो हवा की खराब श्रेणी में है। जबकि कुछ इलाकों की हवा गंभीर श्रेणी में बनी हुई है।
इन इलाकों में सांस लेना दुभर
जहांगीरपुरी निगरानी केंद्र का सूचकांक 409 के अंक पर रहा। इस स्तर की हवा को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। वहीं नरेला में एयर क्वालिटी इंडेक्स 392 दर्ज किया गया, इसी तरह मुंडका में भी 392 अंकों के साथ एक्यूआई ने चिंता बढ़ा दी है। इसके अलावा वजीरपुर में 390 और विवेक विहार में 389 एयर क्वालिटी इंडेक्स दर्ज किया गया है।
CPCB के आंकड़े बढ़ा रहे चिंता
केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, शाम के पांच बजे हवा में पीएम 10 का स्तर 254 माइक्रोग्राम और पीएम 2.5 का स्तर 162 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। मानकों के मुताबिक, हवा में पीएम 10 का स्तर 100 से कम और पीएम 2.5 का स्तर 60 से कम होना चाहिए। यानी हवा में प्रदूषक कण ढाई गुना ज्यादा दर्ज किए गए।
Published on:
04 Dec 2021 09:45 am
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
