
सीजेपी प्रवक्ता सौरभ दास (Photo-IANS)
Saurabh Das Case: दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरभ दास की याचिका पर कई पक्षों को समन जारी किया है। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने अभिजीत अय्यर-मित्र, द पैंफलेट, लॉ बीट, सोशल मीडिया अकाउंट्स द जयपुर डायलॉग्स और द संडे गार्जियन को समन जारी किया।
सीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि उनकी आवासीय जानकारी और निजी विवरण सार्वजनिक किए गए, जिससे उनकी निजता और सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ।
जस्टिस सचिन दत्ता की पीठ ने मामले में अंतरिम रोक की मांग वाली अर्जी पर भी प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया। अब इस मामले में 14 सितंबर को अगली सुनवाई होगी। वहीं प्रतिवादियों को 10 दिन के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सौरभ दास का आवासीय पता बताने वाली पोस्ट हटा दी गई हैं। पीठ ने एक्स की ओर से पेश वकील से पूछा कि क्या संबंधित लिंक अभी भी चालू है या नहीं? वकील ने इसकी पुष्टि की। जिसके बाद अदालत ने इस तथ्य को अपने आदेश में दर्ज कर लिया।
सीजपी प्रवक्ता दास ने अपनी याचिका में 2 करोड़ रुपये से अधिक के हर्जाने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने संबंधित पक्षों को उनके आवासीय पते को प्रकाशित, प्रसारित या सार्वजनिक करने से स्थायी रूप से रोकने की मांग की है।
सौरभ दास ने आरोप लगाया कि द पैंफलेट के प्रतिनिधि उनके आवास परिसर में पहुंच गए और वहां के अंदरूनी हिस्से का वीडियो बनाया और 5 अगस्त को उसे X पर पोस्ट कर दिया।
सौरभ दास के अनुसार, इस वीडियो में उनके आवास का पता सामने आ गया और इसे 21 लाख से अधिक बार देखा गया। आरोप है कि 10 अगस्त को इस वीडियो को दोबारा प्रसारित किया गया।
याचिका में यह भी कहा गया है कि अभिजीत अय्यर-मित्र ने लॉ बीट के एक कार्यक्रम में दास के पड़ोसी का नाम लेकर उनका पता सार्वजनिक किया और किराया करीब 7 लाख रुपये प्रति माह बताया, जबकि दास के अनुसार यह जानकारी गलत थी। इसके बाद अय्यर-मित्र की ओर से कथित तौर पर कई पोस्ट भी प्रकाशित किए गए।
सौरभ दास ने कहा कि उन्होंने 5 अगस्त को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और संबंधित पक्षों को अपनी सुरक्षा को लेकर खतरे की जानकारी भी दी थी। इसके बावजूद उनके मुताबिक निजी जानकारी का प्रकाशन और प्रसार जारी रहा।
याचिका में कहा गया है कि दास को पहले भी हिंसक धमकियों का सामना करना पड़ा है। ऐसे में उनके घर की जानकारी बार-बार सार्वजनिक होने से उन्हें, उनके परिवार और परिसर में रहने वाले अन्य लोगों को धमकी, उत्पीड़न और शारीरिक हिंसा का खतरा बढ़ सकता है।
कोर्ट में सौरभ दास की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अखिल सिब्बल पेश हुए। उन्होंने कहा कि द पैंफलेट से जुड़े लोग उनके परिसर में आए, वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसे बाद में अभिजीत अय्यर-मित्र ने भी दोबारा पोस्ट किया।
सिब्बल ने कहा कि X ने वीडियो और पोस्ट हटा दिए हैं और उन्हें आगे भी हटाकर रखा जाना चाहिए। इस पर पीठ ने पूछा कि याचिका किस आधार पर दायर की गई है, क्या यह निजता के अधिकार से संबंधित है?
सिब्बल ने प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के मानदंडों का हवाला देते हुए कहा कि किसी सार्वजनिक व्यक्ति के निवास, निजी वित्तीय जानकारी और पारिवारिक विवरण को सार्वजनिक करने पर रोक संबंधी मानदंड हैं।
Updated on:
24 Aug 2026 02:25 pm
Published on:
24 Aug 2026 02:25 pm
