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चुनाव आयोग को कोर्ट ने दिया नोटिस, आवेदन के सवा साल बाद भी पार्टी की अर्जी पर नहीं लिया फैसला

केरल हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग को फटकार लगाई, कहा- आपने समय पर दस्तावेज नहीं रखे, उचित नहीं है। कोर्ट ने आयोग को 2 महीने में कार्रवाई करने और उठाए गए कदमों की जानकारी देने का आदेश दिया।
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नई दिल्ली

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Mukul Kumar

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Updated: 19 Nov 2025, 2:34 PM IST

दिल्ली हाई कोर्ट और चुनाव आयोग। (फोटो- ANI)

दिल्ली हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस भेजा है। मामला एक राजनीतिक पार्टी से जुड़ा है। एक पार्टी ने 27 अगस्त, 2024 को चुनाव आयोग में आवेदन किया था।

आवेदन पर लंबे समय तक निर्णय न देने पर उसने चुनाव आयोग के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अगस्त 2025 के आदेश में, कोर्ट ने चुनाव आयोग को दो महीने के भीतर उनके आवेदन पर निर्णय लेने का निर्देश दिया था। लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया, जिसपर अदालत ने नाराजगी जाहिर की।

चुनाव आयोग से मांगा स्पष्टीकरण

अब दिल्ली उच्च न्यायालय ने सख्त लहजे में भारत के चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि वह केरल में आगामी स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने के लिए राजनीतिक दल के रूप में पंजीकरण की मांग करने वाले 'भारतीय समाजवादी जनता दल' के लंबित आवेदन पर निर्णय लेने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में स्पष्टीकरण दे।

याचिकाकर्ता ने क्या कहा?

याचिकाकर्ता ने कहा था कि केरल में स्थानीय निकाय चुनाव नवंबर 2025 में निर्धारित हैं। उक्त चुनाव में नामांकन की अंतिम तिथि 21 नवंबर है। फिर भी चुनाव आयोग ने कोई निर्णय नहीं लिया।

कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा- आपको दो महीने का समय दिया गया था। आपको दस्तावेज पहले ही रिकॉर्ड पर रख देने चाहिए थे, आप आकर मौखिक जानकारी दे रहे हैं। यह उचित नहीं है। आपके पास निर्णय लेने के लिए पर्याप्त समय था।

पिछले आदेश में 2 महीने के भीतर कार्रवाई करने को कहा गया था। आपको मुझे 2 महीने में उठाए गए कदमों के बारे में बताना होगा।

21 नवंबर को होगी अगली सुनवाई

अब इस मामले में अगली सुनवाई 21 नवंबर को होगी। पार्टी ने अब अगस्त में पारित इस निर्देश का पालन न करने के लिए नवंबर में ईसीआई के खिलाफ अवमानना ​​याचिका दायर की है।

चुनाव आयोग ने क्या दिया जवाब?

वहीं, चुनाव आयोग की ओर से पेश हुए वकील सिद्धांत कुमार ने कहा- सत्यापन प्रक्रिया जारी है। पहले 100 सदस्यों का सत्यापन होना है, उनका सत्यापन किया जा रहा है। हमें केरल जिला चुनाव अधिकारी से आज सत्यापन रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है। 14 दिनों के भीतर हम आवेदन पर कार्रवाई कर सकते हैं।

परिणाम भुगतने होंगे- जज

जस्टिस अमित शर्मा ने सुनवाई के दौरान कहा- आप इस आदेश के पारित होने के बाद आपके द्वारा उठाए गए कदमों को हलफनामे पर पेश करें।

अगर अदालत इस बात से संतुष्ट हुआ कि आपने समय रहते जरूरी कदम उठाए और कोई जानबूझकर अवज्ञा नहीं की, तो ठीक है अन्यथा आपको परिणाम भुगतने होंगे।