
दिल्ली में पुलिस ने जेवरों की चोरी करने वाली मेड को किया गिरफ्तार (Photo-AI)
Maid Gold Theft Delhi: दिल्ली पुलिस ने चोरी के एक ऐसे मामले का खुलासा किया है, जिसने जांच अधिकारियों को हैरान कर दिया है। पुलिस के अनुसार, महिला घरेलू सहायिका (मेड) बनकर अमीर घरों में काम करती थी और मौका मिलते ही जेवरात चोरी कर फरार हो जाती थी। 2008 से अप्रैल 2026 तक, महिला पर करीब 6 बड़ी चोरियों का मामला दर्ज है। अप्रैल 2025 में उसने शालिमार बाग और मौर्य एन्क्लेव के घरों से करीब 2.60 करोड़ रुपये के जेवरात उड़ाए थे।
मामले में पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी महिला को सोनिया के नाम से जाना जाता था, हालांकि यह उसका असली नाम नहीं था। वह 46 साल की है और चेन्नई से करीब दो दशक पहले अपने पति के साथ दिल्ली आई थी।
शुरुआत में वह घरेलू काम करने लगी, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते उसने चोरी का रास्ता चुन लिया। पुलिस के मुताबिक, वह कुछ दिनों तक घरों में काम करती और फिर परिवार की दिनचर्या और जेवरात रखने की जगहों को समझकर चोरी कर लेती थी।
पुलिस के मुताबिक, सोनिया ने चोरी करने का अनोखा तरीका अपनाया था। वह पकड़े जाने के डर से चोरी के जेवरात नहीं बेचती थी। उसने बड़ी-बड़ी गोल्ड लोन कंपनियों में 15 अलग-अलग लॉकर ले रखे थे। वह चोरी का सोना इन लॉकरों में जमा कराकर उन पकरोड़ों रुपये का लोन ले लेती थी। पुलिस के मुताबिक, उसके लॉकरों से अब तक 2 किलोग्राम से ज्यादा सोना बरामद किया जा चुका है।
हालांकि जांच में सामने आया है कि वह पॉश कॉलोनियों के सिक्योरिटी गार्ड्स से दोस्ती कर उन घरों की जानकारी लेती थी जहां अस्थायी घरेलू सहायिका की जरूरत होती थी। इसी सूचना के आधार पर वह घरों में एंट्री लेती थी।
सोनिया ने पिछले महीने अप्रैल में शालीमार बाग के एक व्यवसायी के घर मेड बनकर काम करने लगी। कुछ ही दिनों में उसने घर की रेकी की और पूजा के दौरान मौका पाकर करीब 1.5 करोड़ रुपये के जेवर चोरी कर लिए। इसके बाद वह फरार हो गई।
सोनिया रोहिणी स्थित तीन मंजिला मकान में रहती थी। जब पुलिस महिला को गिरफ्तार करने पहुंची तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गई। उसने अपनी घर की सुरक्षा के लिए 15 कुत्ते पाल रखे थे, जिनमें पिटबुल और अमेरिकन बुली जैसी नस्लें शामिल थीं।
जैसे ही पुलिस घर के अंगई, गई कुत्तों ने टीम पर हमला कर दिया। जैसे-तैकर पुलिस ने कुत्तों को भगाया और इसके बाद सोनिया को गिरफ्तार किया।
हालांकि पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी महिला ने अपना नाम मलिका बताया। लेकिन बरामद आधार कार्ड में उसका नाम सोना दर्ज था। पुलिस का कहना है कि वह अलग-अलग पहचान का इस्तेमाल करती थी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी महिला ने चोरी के पैसों से करोड़ों रुपये के मकान और फ्लैट खरीद लिए हैं; फिलहाल उन्हें जब्त करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा उन गोल्ड लोन कंपनियों के ब्रांच मैनेजरों को भी जांच में शामिल होने के लिए समन भेजा है, जिन्होंने बिना पूरी वेरिफिकेशन के उसे इतने बड़े लोन दिए। पुलिस का कहना है कि लापरवाही बरतने वाली इन कंपनियों को भी इस मामले में आरोपी बनाया जाएगा।
Published on:
21 May 2026 08:19 am
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