
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मुखिया ओमप्रकाश राजभर घोसी विधानसभा उपचुनाव में जीत और मंत्री पद की उम्मीद लगाए बैठे थे। लेकिन उपचुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी की जीत से उन्हें जोर का झटका लगा है। हालांकि राजनीति के जानकार मानते है कि घोसी में हारने के बावजूद BJP उन्हें योगी कैबिनेट में मंत्री बनाएगी। राजभर के अलावा एक नेता और है वो भी जल्द ही भाजपा सरकार में मंत्री बन सकते है।
इसके पीछे कारण है कि दोनों नेताओं का अपनी जाती के वोटरों पर अच्छा प्रभाव है। इसके साथ ही लोग ये भी बताते है कि भाजपा उपचुनाव में हारती तो है लेकिन मुख्य चुनाव में विपक्षी पार्टी को ऐसी धोबी पछाड़ देती है कि विपक्ष हाथ मलता रह जाता है।
राजभर को क्यों मंत्री बनाएगी भाजपा?
बता दें कि 2022 के विधानसभा चुनाव में राजभर सपा के साथ गठबंधन में थे। लेकिन इस साल उन्होंने NDA में वापसी कर ली। राजभर को जानने वाले बताते है कि NDA में आने से पहले उन्होंने जब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की तो शाह ने उन्हें यूपी की योगी सरकार में उन्हें मंत्री बनाने का वादा किया था। इसके अलावा यूपी के वाराणसी जिले की 05, आजमगढ़ की 10, मऊ की 04, बलिया की 07, गाजीपुर की 07, जौनपुर की 09 और देवरिया की 07 सीटों पर राजभर वोटर्स काफी तादाद में हैं।
एक अनुमान के मुताबिक, यूपी की 66 सीटों पर 80,000 से 40,000 तक और करीब 56 सीटों पर 45,000 से 25,000 तक राजभर वोटर हैं। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में 22 सीटों पर राजभर वोट बैंक का फायदा मिलता दिख रहा था। लोकसभा चुनाव में इन वोटरों को अपने पाले में लाने के लिए भाजपा राजभर को मंत्री बना सकती है।
INDIA गठबंधन को संदेश देना है मकसद
बता दें कि भाजपा विपक्ष के INDIA गठबंधन को ये संदेश देना चाहती है कि जो भी दल या नेता उनके साथ आते है उन्हें वह आगे बढ़ाने में कसर नहीं छोड़ती है। राजभर और पासवान को मंत्री बनाकर वह उन नेताओं को भी ये संदेश देना चाहती है जो चुनाव से पहले या बाद में उसका साथ छोड़ विपक्षी खेमे में शामिल हो गए थे।
ये भी पढ़ें: Bihar: पराए मर्द के साथ अवैध संबंध बना रही थी शादीशुदा महिला, गांव वालों ने उठाया खौफनाक कदम
Published on:
10 Sept 2023 06:56 pm
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
