
Himachal Cloud Burst: हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बादल फटने के बाद आये सैलाब से हुई तबाही के बाद भूकंप के झटकों के बाद धरती हिली है। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में शुक्रवार को भूकंप (Earthquake) के हल्के झटके महसूस किए गए। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक भूकंप के झटके सुबह नौ बजकर 45 मिनट पर आए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.2 मापी गई और इसका केंद्र जमीन की सतह से लगभग पांच किलोमीटर नीचे रहा। भूकंप की तीव्रता कम होने से जिले में कहीं भी जान-माल को नुकसान नहीं पहुंचा है।
लाहौल-स्पीति में पिछले कुछ वर्षों से कई बार भूकंप (Earthquake) के झटके लग चुके हैं। हालांकि ज्यादा बार भूकम्प की तीव्रता कम रही है। लाहौल-स्पीति के अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी भूकंप के झटकों से बार-बार धरती डोल रही है। भूकंप के ज्यादातर झटके जम्मू-कश्मीर से सटे चम्बा जिला में आए हैं। बता दें कि हिमाचल प्रदेश भूकम्प के लिहाज से अति संवेदन शील ज़ोन चार व पांच में शामिल है। वर्ष 1905 में चम्बा व कांगड़ा जिलों में आये विनाशकारी भूकंप से 10 हज़ार से अधिक लोगों की मौतें हुई थीं।
हिमाचल में आगामी आठ अगस्त तक भारी वर्षा की चेतावनी के लिए येलो अलर्ट जारी की गयी है। प्रदेश में अगले छह दिन लोगों को मौसम के कड़े तेवरों का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आगामी आठ अगस्त तक गरज के साथ भारी वर्षा व बिजली कड़कने का येलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया है। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चम्बा, कांगड़ा और मंडी जिलों में भारी वर्षा होने की आशंका है।
मौसम विभाग (IMD) ने लोगों व पर्यटकों को नदी-नालों से दूरी बनाए रखने और भूस्खलन सम्भावित इलाकों की यात्रा न करने की हिदायत दी है। पिछले 24 घण्टों के दौरान कुल्लू जिला के कसौल में 33, सियोबाग में 19, केलंग व बिलासपुर में तीन-तीन मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड हुई है।
प्रदेश में मानसून (Monsoon) ने 27 जून को दस्तक दी थी। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक पिछले 35 दिनों में राज्य में वर्षा जनित हादसों में 140 लोगों की मौत हुई है जबकि 54 लापता हैं। इनमें 73 लोगों की पानी में बहने, डूबने, ऊंचाई से फिसलने, सर्पदंश व करंट से मौतें हुई हैं। इसके अलावा 67 लोगों की सड़क हादसों में जान गई है। इस दौरान 159 घर क्षतिग्रस्त हुए। इनमें 45 घर पूर्ण रूप से ध्वस्त हो गए, वहीं 114 घरों को आंशिक तौर पर नुकसान पहुंचा है। इसके अतिरिक्त आठ दुकाने व 118 पशुशालाएँ भी ध्वस्त हुईं। राज्य में मानसून सीजन के दौरान 648 करोड़ का नुकसान आंका गया है।
Updated on:
03 Aug 2024 07:25 pm
Published on:
02 Aug 2024 09:26 pm
