
Inflation : केंद्र सरकार ने जमाखोरी और सट्टेबाजी रोकने के लिए शुक्रवार को सभी कारोबारियों को गेहूं के स्टॉक घोषित करने के निर्देश दिए। सरकार के आदेश के मुताबिक, देश में गेहूं के सभी फूड प्रोसेसर, खुदरा और थोक व्यापारियों को 1 अप्रैल से हर शुक्रवार को आधिकारिक पोर्टल पर अपने स्टॉक की स्थिति घोषित करनी होगी। खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने कहा कि कीमतों को नियंत्रित करने और देश में उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए गेहूं और चावल की स्टॉक पर कड़ी नजर रखी जा रही है। व्यापारियों की ओर से चावल के स्टॉक की घोषणा पहले से ही की जा रही है। सरकार के बफर में गेहूं का स्टॉक 16 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है।
इनकी महंगाई से लोग त्रस्त
पिछले एक साल में अरहर दाल की औसत खुदरा कीमत 114 रुपए से बढ़कर अभी 148 रुपए प्रति किलो हो गई है। एक साल में इनकी कीमतें 30 फीसदी बढ़ी। इस दौरान उड़द दाल 15 फीसदी और मूंग दाल 10.52 फीसदी महंगा हुआ। आटा इस दौरान 5 फीसदी महंगा हुआ है। पिछले एक साल में आलू 26 फीसदी, प्याज 39 फीसदी और टमाटर 36 फीसदी महंगा हुआ है। हालांकि खाद्य तेलों की कीमतें जमीन पर रहीं।
सरसों तेल के भाव एक साल में करीब 13 फीसदी गिर गए। वनस्पति तेल में करीब 7 फीसदी की गिरावट आई है। सोया तेल करीब 13 फीसदी सस्ता हुआ तो सूरजमुखी का तेल 19 फीसदी सस्ता हुआ है। पाम ऑयल की कीमतें भी 9 फीसदी घटी है।
Published on:
30 Mar 2024 10:29 am
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