
राजद नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव बहिष्कार की दी धमकी (Photo-IANS)
Election Boycott: बिहार में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने है। सभी राजनीतिक दलों ने विधानसभा चुनाव की तैयारी भी तेज कर दी है। इसी बीच तेजस्वी यादव के एक बयान से सियासी हलचल तेज हो गई है। तेजस्वी यादव ने बिहार में चुनाव बहिष्कार की धमकी तक दे डाली। राजद नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव बहिष्कार की बात कहते हुए कहा कि जब चुनाव में धांधली करनी है तो वैसे ही बीजेपी को एक्सटेंशन दे दो।
राजद नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव बहिष्कार की बात जिस तरह से की है उससे बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ आ सकता है। अब महागठबंधन में शामिल दलों की प्रतक्रिया पर सभी की नजर है। तेजस्वी के चुनाव बहिष्कार वाली बात पर महागठबंधन के अन्य दल क्या प्रतिक्रिया देते है।
तेजस्वी के बिहार में चुनाव बहिष्कार करने की बात के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि कर्नाटक के एक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव आयोग द्वारा धोखाधड़ी की अनुमित देने के ठोस 100 प्रतिशत सबूत उनकी पार्टी के पास है। कांग्रेस सांसद ने कहा- हम उन्हें सामने भी लाएंगे और आप इसके अंजाम से बच नहीं पाएंगे लोकतंत्र और संविधान को बर्बाद करने की कोशिश करने वाले बक्शे नहीं जाएंगे।
भारत में इलेक्शन कमीशन एक संवैधानिक संस्था है। यदि कोई दल चुनाव का बहिष्कार करता है तो इससे कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। चुनाव हो जाता है। बता दें कि चुनाव लड़ना या नहीं यह किसी भी दल का अपना निर्णय होता है। यदि एक पद और एक सीट पर यदि कोई अन्य प्रतिद्वंदी नहीं होता है तो ऐसे में निर्विरोध चुन लिया जाता है।
तेजस्वी यादव के चुनाव बहिष्कार करने के बयान ने देश में एक नई राजनीतिक बहस शुरू कर दी है। बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब किसी दल या नेता ने चुनाव बहिष्कार की बात कही है। इससे पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है। हालांकि किसी दल द्वारा चुनाव का बहिष्कार करने पर चुनाव पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा, इसके बाद भी चुनाव हुए है। आइए जानते है कि पहले कहां-कहां चुनाव का बहिष्कार होने के बाद भी इलेक्शन हुए है…
1999 में जम्मू कश्मीर में कुछ विपक्षी दलों ने विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया था। चुनाव का बहिष्कार अलगाववादी संगठनों ने किया था। हालांकि इसके बाद भी विधानसभा चुनाव हुए और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपनी सरकार बनाई।
मिजोरम में 1989 में विधानसभा चुनाव का मिजो नेशनल फ्रंट ने बहिष्कार किया था। इसके बाद भी विधानसभा चुनाव हुए और कांग्रेस ने सरकार बनाई।
पंजाब में 1991 में विधानसभा चुनाव का कांग्रेस ने बहिष्कार किया था। लेकिन राजीव गांधी की हत्या के बाद विधानसभा चुनाव रद्द कर दिए गए थे। वहीं हरियाणा में 2014 में पंचायत चुनाव का विपक्षी दलों ने बहिष्कार किया था। इसके बाद भी चुनाव आयोग ने चुनाव कराया।
Updated on:
24 Jul 2025 04:14 pm
Published on:
24 Jul 2025 04:14 pm
