
देशभर के कई राज्यों की खरीफ फसलों में खराबे की आशंका, उत्पादन गिरा तो बढ़ेंगी खाद्यान्न की कीमतें, दक्षिण-मध्य भारत में ज्यादा नुकसान, महाराष्ट्र में 5 लाख, कर्नाटक में 4 लाख और राजस्थान में 2 लाख हेक्टेयर में फसलें खराब होने की आशंका
देशभर में पिछले कुछ दिनों से चल रही अत्यधिक बारिश से कई राज्यों की फसलों में बड़े नुकसान की आशंका है। प्रारम्भिक आंकलन के अनुसार महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, पंजाब, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल में ज्यादा नुकसान की संभावना दिखाई दे रही है। इससे राज्यों का उत्पादन प्रभावित होगा और इसका असर दालों, सब्जियों व खाद्य तेलों की कीमतों पर पड़ेगा। कुछ जगहों पर इसका प्रभाव अभी से दिखाई देने लगा है।
कर्नाटक : दाल के कटोरे में उत्पादन संकट गहराया
दाल का कटोरा मध्य व उत्तरी क्षेत्रों में भारी बरसात से 4 लाख हेक्टेयर फसलों को नुकसान की आशंका है। मूंग की बुवाई 23.16 लाख व उड़द की बुवाई 11.46 लाख हेक्टेयर में हुई थी। अगस्त में भारी बरसात से मूंग, उड़द व सोयाबीन की फसलें जलभराव में डूबी है। फसलों में 15 से 20 प्रतिशत नुकसान की आशंका है। खराबे की आशंका के साथ मूंग की कीमतेंं 9 हजार प्रति क्विंटल पहुंच गई है।
राजस्थान : जलभराव में डूबी 2 लाख हेक्टेयर फसलें
करीब 2 लाख हेक्टयेर खरीफ फसलों में नुकसान की आशंका है। राज्य में 155.64 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कुल बुवाई हुई। कोटा व भरतपुर संभाग सहित अन्य जिलों अतिवृष्टि व जलभराव के कारण सोयाबीन, मूंग, तिल, उड़द, सरसों व मक्का आदि फसलें खराब होने के कगार पर आ गई हैं।
महाराष्ट्र : 5.5 लाख हेक्टेयर की फसलें खराब
विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में सोयाबीन, कपास और मक्का की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। अब तक करीब 5.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र की खरीफ की खड़ी फसलें नष्ट हो चुकी हैं।
मध्यप्रदेश: कम और अधिक बारिश का प्रभाव
कहीं सूखे जैसे हालात तो कहीं ज्यादा बारिश से तबाही दिखाई दे रही है। ग्वालियर, चंबल, सागर और भोपाल संभाग में बाढ़ और जलभराव से फसलों को बड़ा नुकसान पहुंचा है। वहीं कुछ जिलों में कम बारिश से भी फसलें प्रभावित हुई हैं।
गुजरात: 10 से 40 प्रतिशत तक प्रभाव
अतिवृष्टि से राज्य के नवसारी में धान, जूनागढ़ में मूंगफली, बाजरा व मूंग, छोटा उदुपुर में केले, सौराष्ट्र में आम, दक्षिण गुजरात में कपास, सोयाबीन व तुअर की फसलों को 10 से 40 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है।
यह दिखाई देने लगा प्रभाव-
-दलहन व तिलहन फसलों को ज्यादा नुकसान। दालों की कीमतों में अभी से बढऩे लगी।
-कपास उत्पादन में भी करीब 7.4 प्रतिशत की कमी की आशंका है।
-ज्यादा वर्षा वाले राज्य केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में धान की पैदावार घटने की आशंका।
-हिमाचल प्रदेश में सेब की फसल पर फंगल रोग लगने की आशंका।
-पश्चिम बंगाल में सब्जियोंं की पैदावार व आपूर्ति प्रभावित। हरी मिर्च, भिंडी, सहजन, प्याज की कीमतें और बढ़ेगी।
Updated on:
26 Aug 2025 12:54 am
Published on:
26 Aug 2025 12:49 am
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