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खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे PM Modi, ईरानी राष्ट्रपति ने भेजा निमंत्रण

Masoud Pezeshkian Invitation to PM Modi: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ईरान के सर्वोच्च नेता सैयद अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार और दफनाने की रस्म में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। ऐसा करके उन्होंने मोदी को दोस्ती का संदेश दिया है।
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भारत

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MI Zahir

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Updated: 24 Jun 2026, 7:28 PM IST

Iran President Pezeshkian invites PM Modi News

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ।( फोटो : ANI)

Iran Invites Modi to Supreme Leader Khamenei's Funeral : ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच जंग खत्म करने के डिजिटल समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद अब स्विट्जरलैंड में शांति वार्ता चलने के बीच पेजेशकियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ईरान के सुप्रीम लीडर सैयद अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार और दफन समारोह में शिरकत करने के लिए बुलावा भेजा है। राजनीतिक गलियारों में इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं। क्यों कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंग में शहीद होने पर अयातुल्ला अली खामेनेई को व्यक्तिगत रूप से श्रद्धांजलि नहीं दी और न ही वे ईरान गए। इसके बजाय, भारत सरकार ने 5 मार्च, 2026 को विदेश सचिव विक्रम मिसरी को नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास में शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर करने के लिए भेज कर आधिकारिक तौर पर अपनी संवेदना व्यक्त की थी। बहुत संभव है कि वे किसी राजनयिक या मंत्री को ईरान भेज कर आमंत्रण की इतिश्री कर सकते हैं।

बस एक आमंत्रण और इसके निकलते 7 मायने

इस एक आमंत्रण के कई मायने निकलते हैं। पहला तो यह कि सामान्य तौर पर अंतिम संस्कार में शामिल होने का आमंत्रण नहीं दिया जाता है और अगर दिया जाता है। दूसरी बात यह है कि ईरान भारत और विशेषकर मोदी को यह ​याद दिलाना चाहता है कि ईरान उसका पुराना मित्र है। तीसरी बात यह है कि भारत की जनता ईरान से बहुत प्रेम करती है और जंग के दौरान भारतीय जनता ने ढेर सारी रकम ईरान भेजी थी। चौथी बात यह है कि बहुत संभव है कि ईरान अमेरिका को बताने के लिए भी मोदी को आमंत्रण दे रहा हो और मोदी के लिए यह विचित्र स्थिति हो जाए, क्यों कि अमेरिका कह चुका है कि मोदी वही करते हैं जो हम चाहते हैं। छठी बात यह है कि मोदी इजरायल को फादरलैंड कह चुके हैं और जंग के दौरान उन्होंने ईरान पर हमले के समय चुप्पी साधे रखी थी और वे नेतन्याहू को नाराज नहीं करना चाहेंगे। सातवीं बात यह है कि खामेनेई राष्ट्रप्रमुख होने के साथ साथ धार्मिक गुरु भी थे और मोदी हमेशा यह बताते हैं कि उनके मुस्लिम राष्ट्रप्रमुखों के साथ
बहुत अच्छे और दोस्ताना रिश्ते हैं।

मोदी का अमेरिका और इजरायल की ओर झुकाव

ईरान यह बात जानता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अमेरिका की ओर झुकाव है और वे अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप और
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ नजदीकी रिश्ते निभा रहे हैं। यही नहीं, ईरान के साथ बरसों पुरानी
दोस्ती के बजाय भारत ने अमेरिका और इजरायल के साथ दोस्ती निभाने को प्राथमिकता दी है।

ईरान का दोस्ती याद दिलाने का एक अहम राजनयिक प्रयास

सियासी गलियारों में चर्चा है कि मोदी को यह आधिकारिक निमंत्रण 86 वर्षीय नेता की मृत्यु के बाद ईरान की ओर से
भारत को दोस्ती याद दिलाने के एक अहम राजनयिक प्रयास का प्रतीक माना जा रहा है।

सुप्रीम लीडर खामेनेई 28 फरवरी को शहीद हो गए थे

ध्यान रहे कि खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में मृत्यु हो गई थी, जिसे
ईरान शहीद होना कह रहा है। 36 बरसों तक इस्लामी गणराज्य का नेतृत्व करने वाले खामेनेई की तेहरान के खिलाफ निर्देशित सैन्य हमलों के पहले दिन ही मृत्यु हो गई थी।

कई दिनों तक चलने वाला अंतिम संस्कार समारोह 4 जुलाई को शुरू होगा

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, कई दिनों तक चलने वाले अंतिम संस्कार समारोह 4 जुलाई से शुरू होने वाले हैं। इन अनुष्ठानों में 7 जुलाई को तेहरान के दक्षिण में स्थित पवित्र शहर कोम में कार्यक्रम शामिल होंगे और 9 जुलाई को उनके गृहनगर, उत्तरपूर्वी ईरान के पवित्र शहर मशहद में उनके अंतिम संस्कार के साथ समाप्त होंगे।

लगभग 20 मिलियन लोगों के शामिल होने की उम्मीद

खामेनेई के राजकीय अंत्येष्टि समारोह में तेहरान, मशहद और कोम में लगभग 20 मिलियन लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सहित बड़ी संख्या में विदेशी गणमान्य व्यक्तियों के भी समारोह में शामिल होने की संभावना है।

10 मिलियन उपस्थित लोगों का रिकॉर्ड टूटने की संभावना

यदि अंतिम संस्कार में अधिकाधिक अनुमानित उपस्थिति दर्ज की जाती है, तो यह इस्लामी गणराज्य के संस्थापक अयातुल्ला रूहुल्लाह खुमैनी के 1989 में हुए अंतिम संस्कार के दौरान दर्ज किए गए 10 मिलियन उपस्थित लोगों का रिकॉर्ड को टूट जाएगा।

मोजतबा ने गददी संभाली,मगर उनके बारे में अटकलें

इस घटना के बाद, दिवंगत नेता के 56 वर्षीय बेटे, मोजतबा हुसैनी खामेनेई ने 8 मार्च को ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में पदभार संभाला था। हालांकि, उनके वर्तमान स्वास्थ्य और सटीक स्थान को लेकर व्यापक अटकलें जारी हैं, जिनमें मार्को रुबियो और पीट हेगसेथ सहित प्रमुख अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वह वर्तमान में कोमा में हैं।