दो संभावित परिदृश्य हैं, पहला धर्मशाला समर्थित दलाई लामा, जिसका धार्मिक पद्धति से चयन होगा और जिसे भारत‑अमेरिका व पश्चिमी लोकतंत्रों का समर्थन मिलेगा। दूसरा, चीन के भीतर घोषित दलाई लामा, जिसे तिब्बत के भीतर सशस्त्र संरक्षण में रखा जाएगा लेकिन उसकी वैश्विक मान्यता संदिग्ध होगी।