1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पंजाब के किसानों का बड़ा फैसला, इन मुद्दों को लेकर 26 अक्टूबर को हाइवे पर करेंगे चक्काजाम

Punjab News: पंजाब में किसान 26 अक्टूबर को आंदोलन करेंगे। पंजाब किसान मजदूर संघर्ष समिति के नेता सरवन सिंह पंधेर ने इसका ऐलान किया है।

2 min read
Google source verification

Farmer Protest: पंजाब (Punjab) में किसान 26 अक्टूबर को आंदोलन करेंगे। पंजाब किसान मजदूर संघर्ष समिति (Punjab Kisan Mazdoor Sangharsh Committee) के नेता सरवन सिंह पंधेर ने इसका ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि पराली जलाने को लेकर दर्ज की गई एफआईआर, धीमी गति से हो रही धान खरीद और डीएपीए के मुद्दे पर माझा-मालवा- दो आबा क्षेत्र में हाइवे को अवरुद्ध करेंगे। उन्होंने कहा कि हम बटाला, संगरूर, फगवाड़ा और मेगा में राजमार्गों को भी पूरी तरह से अवरुद्ध करेंगे। इस मौके पर अपातकालीन सेवाएं शुरू रहेंगी। किसानों का कहना है कि जब तक मांगे पूरी नहीं होती है तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे और साथ ही उन्होंने प्रदेश के लोगों से भी सहयोग की मांग की है।

अनिश्चितकाल के लिए होगा यह आंदोलन

पंधेर ने कहा कि 26 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे से शुरू होने वाला यह आंदोलन अनिश्चितकाल के लिए होगा। अभी हमने केवल राजमार्गों को अवरुद्ध करने की ही घोषणा की है क्योंकि हम अभी भी मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) और आप सरकार की ओर देख रहे हैं। यदि आने वाले दिनों में सरकार की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाएंगे तो हम और अधिक आक्रामक तरीके से विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि हम विरोध प्रदर्शन से पहले माफी मांगते हैं क्योंकि लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन हम मजबूर हैं। हम धान के सीजन में 44 हजार करोड़ रुपये का अनाज देते हैं लेकिन हमें क्या मिलता है।

‘किसानों का आंदोलन अभी बंद नहीं हुआ’

पंधेर ने कहा कि किसानों का आंदोलन अभी बंद नहीं हुआ है बल्कि गुरदासपुर और फगवाड़ा में किसानों का मोर्चा जारी है। पंजाब राज्य में और भी कई जगहों पर फसलों के उचित मांग को लेकर किसानों का मोर्चा चल रहा हैं।

किसानों की ये है मांग

किसान संगठन और सरवन सिंह पंधेर की मांग है कि केंद्र सरकार के साथ पंजाब की आप सरकार किसानों को उनकी फसल का उचित दाम दिलाना सुनिश्चित करें। अभी आंदोलन का एक बड़ा मुद्दा पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी है।

यह भी पढ़ें-Jharkhand Election: पहले पत्नी कल्पना सोरेन ने गांडेय से फिर पति Hemant Soren ने बरहेट से भरा पर्चा