
Uri Terror Attack
नई दिल्ली। आज से ठीक 5 वर्ष पूर्व 18 सितंबर 2016 को उरी अटैक ( Uri Terror Attack ) से पूरा देश दहल उठा था। अभी देशवासी पठानकोट आतंकी हमले के सदमे से ठीक तरह उबरे भी नहीं थे कि एक बार फिर पाकिस्तान ( Pakistan ) से आए आतंकवादियों ने कायराना हरकत को अंजाम दिया। इस बार उनके निशाने पर था ,जम्मू-कश्मीर ( Jammu and Kashmir )के उरी सेक्टर। जहां नींद में सो रहे जवानों पर महज 3 मिनट में 4 आतंकियों ने ताबड़तोड़ 17 ग्रेनेड फेंके।
उरी कैंप में सुबह के 5.30 बजे जैश-ए-मोहम्मद ( Jaish E Mohammad ) के आतंकियों ने इंडियन फॉर्स के ब्रिगेड हेडक्वॉटर्स पर हमला बोल दिया था। इस हमले में 19 जवान शहीद हो गए और कई जवान गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे।
उरी कैंप पर हुए हमले में आर्मी के फ्यूल डिपो में आग लगी। इसमें रखे पेट्रोल, डीजल और केरोसीन से बेकाबू हुई आग ने 5 बिहार बटालियन के तंबुओं को अपनी चपेट में ले लिया।
पाकिस्तान से आए इन आतंकियों के साथ भारतीय जवानों की करीब 6 घंटे तक मुठभेड़ चली। इसके बाद जवानों ने चारों आतंकवादियों को ढेर कर दिया।
ये देश में पिछले दो दशकों में हुआ सबसे बड़ा हमला था। पूरे देश में इस हमले के खिलाफ गुस्सा था। उरी अटैक के ठीक 10 दिन के उपरांत इंडिया ने पाकिस्तान को सबक सिखाने की परियोजना बनाई।
सर्जिकल स्ट्राइक से लिया गया बदला
भारतीय सेना ने इस हमले का जवाब देने के लिए 28-29 सितंबर की रात PoK में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक कर दी। 150 कमांडो को हेलिकॉप्टर के जरिए LoC के पार एयरड्रॉप किया गया।
ये पहला अवसर था जब आतंकियों के विरुद्ध दुश्मन की सीमा में घुसकर सेना ने ऑपरेशन को पूरा किया गया था। 28-29 सितंबर की आधी रात पीओके में सीमा में 3 किलोमीटर अंदर घुसे और आतंकियों के ठिकानों को तहस-नहस कर दिया था।
इस दौरान भिंबर, केल, तत्तापानी और लीपा इलाकों में आतंकियों के कई लॉन्च पैड्स उड़ा दिए। रॉ और मिलिट्री इंटेलिजेंस ने पूरी मुस्तैदी से इस मिशन में आतंकवादियों की हर हरकत पर नजर रखी थी।
तड़के तक ऑपरेशन पूरा कर भारतीय सेना वापस लौट आई। बता दें कि इस हमले में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 38 आतंकियों को मार गिराया।
Published on:
18 Sept 2021 10:31 am
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