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बंगाल के राज्यपाल पर लगा छेड़छाड़ और रेप का आरोप, राजभवन के तीन अफसरों के खिलाफ FIR दर्ज

West Bengal: बंगाल राजभवन की संविदा महिला कर्मचारी ने कोलकाता पुलिस से शिकायत की थी कि राजभवन में पिछले 2 मई को तीन अधिकारियों ने उसे गलत तरीके से रोककर छेड़ छाड़ की।

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राज्यपाल सीवी आनंद बोस पर छेड़छाड़ का आरोप लगाने वाली महिला को कथित तौर पर गलत तरीके से रोकने के लिए राजभवन के तीन अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने शनिवार को इस बारे में जानकारी दी। मीडिया से बात करते हुए बंगाल पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि राजभवन की एक संविदा कर्मचारी महिला ने छेड़छाड़ मामले में मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज कराया था। इसके बाद हेयर स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में तीन अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।

बंगाल राजभवन में महिला कर्मचारी से हुई छेड़छाड़

बंगाल राजभवन की संविदा महिला कर्मचारी ने कोलकाता पुलिस से शिकायत की थी कि राजभवन में पिछले 2 मई को तीन अधिकारियों ने उसे गलत तरीके से रोककर छेड़ छाड़ की। इतना ही नहीं महिला कर्मचारी ने सूबे के राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस पर भी उसके साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया था।

बोस पर लग चुका है रेप करने का आरोप

बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब किसी महिला ने राज्यपाव बोस पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। इससे पहले एक लोकप्रिय शास्त्रीय नृत्यांगना ने राज्यपाल के खिलाफ कथित यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी। नृत्यांगना की शिकायत के अनुसार, वह पिछले साल जून में एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए नई दिल्ली गई थीं और उस समय वह एक पांच सितारा होटल में रुकी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यपाल ने होटल में उसका यौन उत्पीड़न किया।

राज्यपाल के खिलाफ नहीं हो सकती है कार्रवाई

बता दें कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 361 के तहत, किसी राज्यपाल के खिलाफ उसके कार्यकाल के दौरान कोई आपराधिक कार्रवाई शुरू नहीं की जा सकती है।

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