
चुनाव। (फोटो- newsonair.gov.in)
पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु सहित पांच राज्यों में चुनाव कार्यक्रम फरवरी के आखिर में घोषित हो सकता है। इस संभावना को देखते हुए राजनीतिक दलों ने तैयारियां तेज की हैं।
भाजपा असम में सत्ता बचाने तो तमिलनाडु और बंगाल में सरकार में आने के लक्ष्य के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी, वहीं केरल में सत्ताधारी लेफ्ट और मुख्य विपक्षी कांग्रेस नेतृत्व यूडीएफ के बीच मुकाबले को इस बार भाजपा त्रिकोणीय बनाना चाहती है। केरल में पहली बार तिरुवनंतपुरम में भाजपा का मेयर बनने से पार्टी उत्साहित है।
2021 में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुदुचेरी में 26 फरवरी को चुनाव कार्यक्रम घोषित हुए थे। तमिलनाडु में 6 अप्रेल तक चुनाव हो गए थे।
इसी तरह पश्चिम बंगाल की संवेदनशीलता को देखते हुए आयोग ने कुल आठ चरणों में 27 मार्च से 29 अप्रेल तक मतदान कराए थे। असम में 27 मार्च से 6 अप्रेल तक तीन चरणों में चुनाव हुए थे। सभी विधानसभाओं का कार्यकाल मई में खत्म हो रहा है।
पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी टीएमसी और भाजपा के बीच मुख्य लड़ाई है। पिछली बार 3 से 77 सीटों पर पहुंची भाजपा इस बार जहां सत्ता में पहुंचने की कोशिश में है, वहीं टीएमसी की कोशिश सरकार बचाने की है।
असम में फिर से फिर से सरकार रिपीट करने की कोशि में भाजपा जुटी है तो कांग्रेस इस बार सत्ता का किला भेदना चाहती है। तमिलनाडु में सत्ताधारी डीएमके को भाजपा इस बार एआइएडीएमके व अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर चुनौती देने की कोशिश में है। केरल में 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा नेतृत्व एनडीए 19 प्रतिशत वोट हासिल कर तीसरी ताकत के रूप में उभर चुका है।
टीएमसी- 215
बीजेपी- 77
लेफ्ट नेतृत्व एलडीएफ- 97
कांग्रेस नेतृत्व यूडीएफ- 42
एनडीए 75
कांग्रेस- 50
एनडीए- 16
युपीए- 9
अन्य-5
Published on:
08 Jan 2026 08:39 am
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