
तमिलनाडु ने वित्त मंत्री सीतारमण के सामने रखी बात (Photo-IANS)
Pre-Budget consultation 2026: केंद्र सरकार के साथ राज्यों की वार्षिक प्री-बजट परामर्श बैठक हुई। इसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी मौजूद रहीं। इस दौरान तमिलनाडु ने अपने वित्तीय हालात को लेकर विस्तृत और सख्त पक्ष रखा। साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ की धमकी को लेकर भी अपना पक्ष रखा। राज्य ने आरोप लगाया कि केंद्र की ओर से परियोजनाओं के लिए फंड जारी करने में देरी हो रही है, GST के बाद राजस्व में लगातार गिरावट आई है और अमेरिका द्वारा लगाए गए नए टैरिफ से राज्य की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ रहा है।
बैठक में राज्य के वित्त मंत्री थंगम थेन्नारासु ने वैश्विक व्यापार से जुड़े मुद्दे पर भी बात कही। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा हाल में बढ़ाए गए टैरिफ का तमिलनाडु पर असमान रूप से ज्यादा असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के कुल वस्तु निर्यात का 31% अमेरिका को जाता है, इसलिए इन फैसलों से राज्य की मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार पर सीधा खतरा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मौजूदा हालात बने रहे तो करीब 30 लाख नौकरियां तत्काल खतरे में पड़ जाएंगी और कई लघु एवं मध्यम उद्यम इकाइयां बंद होने की कगार पर होंगी।
थेन्नारासु ने कहा कि चेन्नई मेट्रो रेल फेज-2 परियोजना को अक्टूबर 2024 में केंद्र की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक राज्य को इस मंजूरी का पूरा लाभ नहीं मिला है। तमिलनाडु पहले ही इस परियोजना के लिए केंद्र के हिस्से के रूप में करीब 9,500 करोड़ रुपये अग्रिम दे चुका है। इससे राज्य का कर्ज-जीएसडीपी अनुपात प्रभावित हो रहा है और उधारी की सीमा घट रही है।
वहीं मदुरै और कोयंबटूर मेट्रो रेल परियोजनाओं को खारिज किए जाने पर राज्य के वित्त मंत्री ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन आधारों पर इन्हें अस्वीकृत किया गया, वे अन्य शहरों को मिली मंजूरियों से मेल नहीं खाते।
Published on:
11 Jan 2026 05:59 pm
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