थेन्नारासु ने कहा कि चेन्नई मेट्रो रेल फेज-2 परियोजना को अक्टूबर 2024 में केंद्र की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक राज्य को इस मंजूरी का पूरा लाभ नहीं मिला है। तमिलनाडु पहले ही इस परियोजना के लिए केंद्र के हिस्से के रूप में करीब 9,500 करोड़ रुपये अग्रिम दे चुका है। इससे राज्य का कर्ज-जीएसडीपी अनुपात प्रभावित हो रहा है और उधारी की सीमा घट रही है।