10 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ट्रंप की टैरिफ धमकी के बाद वित्त मंत्री की बैठक में इस राज्य ने दी चेतावनी, कहा- खतरे में है 30 लाख नौकरियां

तमिलनाडु के वित्त मंत्री ने कहा- यदि मौजूदा हालात बने रहे तो करीब 30 लाख नौकरियां तत्काल खतरे में पड़ जाएंगी और कई लघु एवं मध्यम उद्यम इकाइयां बंद होने की कगार पर होंगी। 

2 min read
Google source verification

भारत

image

Ashib Khan

Jan 11, 2026

Tamil Nadu pre-Budget consultation 2026, Thangam Thennarasu, Nirmala Sitharaman, Chennai Metro Rail Phase-II funding,

तमिलनाडु ने वित्त मंत्री सीतारमण के सामने रखी बात (Photo-IANS)

Pre-Budget consultation 2026: केंद्र सरकार के साथ राज्यों की वार्षिक प्री-बजट परामर्श बैठक हुई। इसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी मौजूद रहीं। इस दौरान तमिलनाडु ने अपने वित्तीय हालात को लेकर विस्तृत और सख्त पक्ष रखा। साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ की धमकी को लेकर भी अपना पक्ष रखा। राज्य ने आरोप लगाया कि केंद्र की ओर से परियोजनाओं के लिए फंड जारी करने में देरी हो रही है, GST के बाद राजस्व में लगातार गिरावट आई है और अमेरिका द्वारा लगाए गए नए टैरिफ से राज्य की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ रहा है।

अमेरिकी टैरिफ से रोजगार पर खतरा

बैठक में राज्य के वित्त मंत्री थंगम थेन्नारासु ने वैश्विक व्यापार से जुड़े मुद्दे पर भी बात कही। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा हाल में बढ़ाए गए टैरिफ का तमिलनाडु पर असमान रूप से ज्यादा असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के कुल वस्तु निर्यात का 31% अमेरिका को जाता है, इसलिए इन फैसलों से राज्य की मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार पर सीधा खतरा है। 

खतरे में पड़ जाएंगी 30 लाख नौकरी

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मौजूदा हालात बने रहे तो करीब 30 लाख नौकरियां तत्काल खतरे में पड़ जाएंगी और कई लघु एवं मध्यम उद्यम इकाइयां बंद होने की कगार पर होंगी। 

रेल परियोजना को लेकर भी कही बात

थेन्नारासु ने कहा कि चेन्नई मेट्रो रेल फेज-2 परियोजना को अक्टूबर 2024 में केंद्र की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक राज्य को इस मंजूरी का पूरा लाभ नहीं मिला है। तमिलनाडु पहले ही इस परियोजना के लिए केंद्र के हिस्से के रूप में करीब 9,500 करोड़ रुपये अग्रिम दे चुका है। इससे राज्य का कर्ज-जीएसडीपी अनुपात प्रभावित हो रहा है और उधारी की सीमा घट रही है। 

वहीं मदुरै और कोयंबटूर मेट्रो रेल परियोजनाओं को खारिज किए जाने पर राज्य के वित्त मंत्री ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन आधारों पर इन्हें अस्वीकृत किया गया, वे अन्य शहरों को मिली मंजूरियों से मेल नहीं खाते।