
पीएम मोदी(फोटो-IANS)
PM Narendra Modi: कुछ दिनों पहले ही पीएम मोदी ने देश के लोगों से अपील की थी कि कम पेट्रोल-डीजल की खपत करें। जिसके बाद सरकार के कई मंत्री सहित कई राज्य के मुख्यमंत्री ने भी अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या को घटा दिया। साइकिल पर कई मंत्री मुख्यमंत्री अपने दफ्तर पहुंचे। इसी कड़ी में पीएम नरेंद्र मोदी की काफिले में भी गाड़ियों को आधे से कम कर दिया गया। जिसके बाद अब उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की जा रही है। पूर्व रॉ सेक्रेटरी सामंत गोयल ने कहा कि यह ठीक नहीं है। पीएम जैसे ऊंचे पद के लिए सुरक्षा में कमी नहीं होनी चाहिए।
सामंत गोयल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सुरक्षा कभी भी 'स्टेटस सिंबल' नहीं होती। सुरक्षा हमेशा खतरे के आकलन के आधार पर ही दी जाती है। आज, कई राजनेता इसे एक स्टेटस सिंबल के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने आगे जोड़ा कि गोपनीयता बनाए रखी जानी चाहिए। यानी यह पता न चले कि PM किस गाड़ी में बैठे हैं। अगर वे सिर्फ दो गाड़ियों के काफिले में सफर कर रहे हैं, तो विरोधियों या हमलावरों के लिए उस गाड़ी को निशाना बनाना आसान हो जाएगा।
R&AW के पूर्व सचिव सामंत गोयल ने आगे कहा कि US के राष्ट्रपति ट्रंप पर तीन हमले हो चुके हैं, जबकि US को सबसे सुरक्षित देश माना जाता है। भारत के खिलाफ कई ऐसे तत्व हैं जो देश के खिलाफ काम करते हैं। लगातार आतंकी गतिविधियां भी हो रही हैं। इसलिए, ऐसी स्थिति में, मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि हमें पीएम की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम करने चाहिए। मौजूदा हालात में ड्रोन और स्नाइपर गन का खतरा बढ़ गया है। इसलिए, हमें उनकी सुरक्षा की समीक्षा करनी चाहिए और उसे मजबूत बनाना चाहिए, न कि उसे कम करना चाहिए।
आपको बता दें कि पीएम ने मिडिल ईस्ट संकट को देखते हुए लोगों से पेट्रोल डीजल कम से कम खपत करने की अपील की थी। इसी को देखते हुए पीएम ने भी अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या को कम कर दिया था। दरअसल, होर्मुज स्ट्रेट पर रोक के कारण तेल आसानी से पहले की तरह नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसलिए पीएम ने यह अपील की थी।
Updated on:
15 May 2026 03:13 pm
Published on:
15 May 2026 03:13 pm
