
दानापुर के पूर्व विधायक और कथित दबंग रीतलाल यादव। (फोटो- IANS)
दानापुर के पूर्व विधायक और कथित दबंग रीतलाल यादव उर्फ रीतलाल राय को पटना हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने रीतलाल यादव की गंभीर आपराधिक आरोपों से जुड़े मामले में दायर जमानत याचिका खारिज कर दी है।
न्यायमूर्ति सत्यव्रत वर्मा की अध्यक्षता वाली एकल पीठ ने पाया कि आरोपों की गंभीरता और याचिकाकर्ता के लंबे आपराधिक इतिहास को देखते हुए जमानत देना उचित नहीं है।
बता दें कि यह मामला खगौल पुलिस स्टेशन से संबंधित है, जिसमें रीतलाल यादव पर जबरन वसूली, निजी और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा, आपराधिक बल का प्रयोग व संगठित आपराधिक गिरोह चलाने के आरोप हैं।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि रीतलाल यादव के प्रभाव ने क्षेत्र में भय का माहौल बना दिया है और उनकी रिहाई से जांच में बाधा आ सकती है और न्यायिक प्रक्रिया कमजोर हो सकती है।
वहीं, पूर्व विधायक की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र नारायण ने भी कोर्ट में दलील दी। उन्होंने कानूनी आधारों का हवाला देते हुए जमानत देने के पक्ष में दलीलें दीं और अपने मुवक्किल के लिए राहत की मांग की।
राज्य सरकार ने रीतलाल की जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया। नीतीश सरकार की ओर से पेश हुए अधिवक्ता अजय मिश्रा ने अदालत को बताया कि रितलाल यादव के खिलाफ विभिन्न पुलिस थानों में लगभग 40 आपराधिक मामले लंबित हैं।
इस पर अदालत ने पुलिस डायरी का संज्ञान लिया। इसके बाद, कोर्ट ने पाया कि इतनी बड़ी संख्या में लंबित मामले जमानत देने के मामले को काफी कमजोर कर देते हैं।
अदालत ने आगे कहा कि इतने व्यापक आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्ति को खुलेआम घूमने देना सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
बता दें कि रीतलाल यादव 13 जून, 2025 से जेल में बंद हैं। उनकी जमानत याचिका खारिज होने के बाद, हाईकोर्ट से राहत मिलने तक वे हिरासत में ही रहेंगे।
पटना हाईकोर्ट की ओर से जमानत याचिका खारिज होने के बाद रीतलाल यादव के पास अब विधिवत प्रक्रिया के अनुसार राहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करने का कानूनी ऑप्शन है।
Updated on:
26 Feb 2026 09:48 pm
Published on:
26 Feb 2026 09:40 pm
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
