
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल। (फोटो- IANS)
यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध के बीच भारत के विदेश मंत्रालय ने एक नई एडवाइजरी जारी की है। जिसमें सभी भारतीयों से रूसी सेना में भर्ती नहीं होने की सलाह दी गई है।
विदेश मंत्रालय ने यह तक कह दिया है कि भारतीयों को किसी भी लुभावन ऑफर के चक्कर में पड़ने की जरूरत नहीं है क्योंकि रूसी सेना में अभी शामिल होने का फैसला पूरी तरह से खतरों से भरा होगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि ऐसी जानकारी मिली है कि बड़े पैमाने पर भारतीय रूसी सेना में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत सरकार ने पिछले एक साल में कई बार भारतीय नागरिकों को इस संबंध में आगाह किया है।
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत सरकार ने बार बार भारतीयों से अपील की है कि रूसी सेना में अभी भर्ती होने का फैसला खतरों से खाली नहीं है। वहीं, एक रिपोर्ट के हवाले से यह भी जानकारी सामने आई है कि यूक्रेन के युद्धक्षेत्र में लगभग 15 भारतीय नागरिक फंसे हैं। उन्हें रूस की तरफ से लड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने इस मुद्दे को लेकर नई दिल्ली में रूसी राजदूत से बात की है। वहीं, मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास भी रूसी सेना से जुड़े सभी भारतीय नागरिकों की तुरंत रिहाई और वापसी के लिए रूसी अधिकारियों से बातचीत कर रहा है।
जायसवाल ने कहा कि जो भी भारतीय नागरिक रूस में फंसे हैं, उनके परिवारों से भी संपर्क किया गया है। विदेश मंत्रालय ने रूसी राजदूत के समक्ष रूसी सेना में भारतीय नागरिकों की भर्ती का भी मुद्दा सख्ती से उठाया है।
विश्वसनीय अनुमानों के आधार पर, युद्ध में अब तक यूक्रेन के 31,000 से 150,000 सैनिक और रूस के 36,000 से 200,000 सैनिक मारे गए हैं। कुल हताहतों (मृत और घायल) की संख्या 500,000 से 14 लाख तक हो सकती है। हालांकि, ये आंकड़े अनुमानित हैं और स्रोतों के बीच भारी अंतर के कारण सटीक संख्या की पुष्टि नहीं की जा सकती।
Updated on:
11 Sept 2025 11:23 am
Published on:
11 Sept 2025 11:23 am
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